उपनिषत् उपनिषत्सामान्यं विषयः एतत्सूत्रसमानार्थकवाक्यं तु परीक्ष्यलोकानित्यादि मु. 1-2-12, 13 तै. भृ-1 तै. आन -इत्यादि 39 55 तै. आन -इत्यादि छा-6-1-16, सद्विद्या ऐ-1-1 - इत्यादि छा-8-1इत्यादि तै. आनन्दवल्ली-आनन्दमयविद्या 1-1-13-20 1-1-21 1-1-22 1-1-23 1-1-24 1-1-25 1-1-26 1-1-27 1-1-28 1-1-29-32 1-2-1-8 1-2-9 1-2-9 1-2-10 1-2-11 1-2-13-18 1-2-14 1-2-15 1-2-19-21 छा-1-6 बृ-5-7-9 छा-1-9 छा-1-10-11 छा-3-13-7 छा-3-12-1 -3-12-5 छा-3-12-1 कौ - 3 - प्रतर्दनविद्या छा-3-14 कठ-1-2-25 1-2-22 99 1-3-1 59 कठवल्ली सर्वा छा-4-15 -5-7-22 छा-4-10 1-2-22-23 1-2-24 1-2-25-33 1-2-32 1-2-33 (का) 5-7 (मा) 6-7 मुण्डक -2-1-4 छा-5-1 अग्निरहस्यम् 10-5-6 5-24 5-18 -0-00- श्रीरस्तु