- अग्निपुराण, ६२ अच्युतशतक, ४१४ अच्युताष्टक,४०३ अजितोदयकाव्य, २८५, २६६लक रिहा अथर्ववेद, E५ अद्भुत रामायण, १२
- महिला अद्वैतविद्यामुकुटविवरण, ५७५ अद्वैतसिद्धि, ४१७ अधरशतक, ४७३, ४७४ 150 भाषण अध्यर्ध शतक,८५,४४७ अध्यात्म रामायण, १२, ४६७ अन्नपूर्णास्तोत्र, ४०२ अन्ययोगव्यवच्छेदिकाद्वात्रिंशिका, ४४४ अन्यापदेश, ४७६ अन्यापदेश शतक, १२८, ४७५, ४७६,
- ४७६ अन्योक्ति तरंगिणी, ४८० अन्योक्तिमाला, ४७७, ४७E अन्योक्ति मुक्तालता, ४५२ अन्योक्ति मुक्तावली, ४७६, ४८०,५१६ अन्योक्तिरत्नकरण्डिका, ४७६ अन्योक्ति शतक, ४७E,४८० अन्योक्त्यष्टक संग्रह, ४८० अन्योपदेशमाला, ४८० अन्योक्तिस्तवक, ४७८ अपभ्रंशपुराण, ३७४ अबोधाकर, २३६
- अब्दुल्लाह चरितम्, ३०६, ३०७ अभिज्ञान शाकुन्तलम्,२५ अभिधान चिन्तामणि,८७ अभिधर्मपिटक,७३ अभिनव भारती, ५४०, ५४६, ५४८ अभिनव रामाभ्युदय, ५६० अमरकोश, १७, १६०, २१८ शकि अम्बुजवल्लीशतक, ५८२ र अमृतलहरी, ५६५,५६७ अमृताङ्गकाव्य-कनकजानकी, १६३ अर्जुनचरित, १२६ ! अर्णववर्णन, १६८ संशाधकारी ‘अर्थशास्त्र,२१७, ५१३
- अर्धनारीश्वरस्तोत्र, ४३२ अर्ली हिस्ट्री आप दक्कन, २५७ (टि.) अवन्तिसुन्दरीकथा, १६, १३५ का अवदानकल्पलता, १६३, १६४ अवलोक टीका, ४८७,५४२ जिस अवशिष्टान्योक्ति, ४८० अवसरसार, १३ अनारङ्ग, ३०३ अनर्घराघव, ३१६ अमरकाव्य, २८६ अमरकोशटीका, १५६, २२६ अमरुक शतक, १०१, १०२, १०३, ११३,
- ५३२ अलङ्कार कौस्तुभ, १२४, ५६१ अलङ्कार चूडामणि, ५७६
- आ
- ग्रन्थानुक्रमणिका
- अलङ्कार तिलक, ४६८
- आलबन्दारस्तोत्र, ४०७
- सालक अलङ्कार प्रदीप, १२४ पाहीर
- आश्वलायनगृह्यसूत्र, २१७ अलङ्कार मुक्तावली, १२४ लाख
- आसफविलास, ५६५ किच्छिा अलङ्कार सर्वस्व, २२६ प्रक्रिया इ कि ति का गम रियामा अष्टकावलिः, ३४३ वाजतानि इन्दुदूत, ३५१ ) ( अष्टभुजाष्टक, ४१४ माकी अष्टमहास्थान चैत्य, ४४८ SE
- ईश्वरप्रत्यभिज्ञाकारिका, ४२६ निती की अष्टाङ्ग हृदय, ११०
- स्ति
- ईश्वरविलासमहाकाव्य, २८५, २८६,२८८ अष्टाध्यायी, १७, २१८ जना कलात ईश्वराभिसन्धि, १६८ काशित
- ईश्वरशतक, १२८ अष्टामहाश्रीचैतन्यस्तोत्र, ४४६ मत
- उदय आचारोपदेश, ३४७ जानक
- उज्ज्चलनीलमणि, ३२८ आचार्यस्तवराजभूषण, ५७७ मा काठी उणादिमणिदीपिका, ५७७ जानीहि आत्मनिन्दाष्टकम्, ४७७ जिस उत्कण्ठमाधवम्, ४८७ आदित्यहृदय, ३६२ . का काम
- उत्तरचम्पू, ५७६ आदित्यहृदयस्तोत्र, १५४ नवा
- उत्तरपुराण, ३६६, ३७४ आदिनाथस्तोत्र, ४३८, ४४० साली माता
- उद्धवदूत, ३३१ आदिपुराण, ३५६, ३८८ जनामात
- 25 लाख
- उदयनसुन्दरीकथा, १५६ आधुनिक संस्कृत साहित्य, २८५ (दि.)
- उदारराघव, ५५६ आनन्दमन्दाकिनी, ४१७,४१८शोक उपदेश शतक, १२४ आनन्दलहरी, ४०१,४०३-किसानी
- उपवनदूत, ३४८ आनन्दराघवनाटक, ५७६
- उपासकाचारपञ्चसंग्रह, ४४३ आनन्द रामायण, १२ कति
- उल्लासराघव, १२७ आनन्दवृन्दावनचम्पू, ५६१
- उषानिरुद्ध, ३३८, ५८३ आनन्दसागरस्तव, ४१६, ४२०,५७६
- उसानिरुद्ध, २०३ आन्ध्र रामायण, ५८
- ऋ आराधना, ४४३
- ऋग्वेद, १, ३, ४, ५,६४, ६५, ३१० आर्यतारादेवीस्तोत्र, ४४७ साली
- ऋग्वेदकविविमर्श, ३ (टि.) शीसगीक आर्यतारास्तोत्र,४४६ पिचार
- ऋतुवर्णन, ४५२ आर्यतारानामस्तोत्र शतक, ४४८
- ऋतुसंहार, २५, २६, २७,४६, ४७,५८, आर्यमञ्जुश्रीकल्प, २५० (टि.)नामक
- ६५,११० कि कविता आर्यातारास्रग्धरास्तोत्र,७२
- ऋषभपञ्चाशिका, ४४२ आर्यासप्तशती, १२४, १२५, ४६०, ४६३,
- ४८१, ४८२ मिशिलाल६०५
- एकीभावस्तोत्र, ४४३ एकोत्तरीस्तोत्र, ४४७ एन एंथोलाजी आफ संस्कृत कोर्ट पोएट्री,
- १०१ (टि.) एपीग्राफिया इण्डिका, २५७ एशेंट हिस्टोरियंस आफ इण्डिया, २५८ (टि)
- ऐहोल शिलालेख, १३४ । मनमा
- ओ ओल्ड टेस्टामेंट, ३०३
- औ
- औचित्यविचारचर्चा, ६८, १६२, १६३,
- २५१,५४१ क ककुदगिरिमाहात्म्य, ५०५ कनकलेखा, ३२५,१५८ कनिष्कलेख, ३५३, ४४७, कपिफणाभ्युदय, ७२, ८२,६०, १८६,
- १E9 कमलिनीहंसनाटिका, ५७६ कमलिनी राजहंस, ३१६ करुणालहरी, ५६५, ५६८ करुणावजायुध, २७६ कर्णसुन्दरी, २५६ कर्णसुन्दरीनाटिका, ५४६ कलाविलास, २२६, १६३ कलियुगपरिकथा, ४४७ मिशित गिर कलियुगविडम्बनम्,४७५ का कल्पनामण्डतिका, ७५ APER कल्याणमन्दिरस्तोत्र, ४४० कविकर्णरसायन, २E७ न कवितामृतकूप, ५१६
- कविप्रिया, ४३ कविकण्ठाभरण, १६२, १६३, २२६ कविकल्पलता, २४२ कविकौमुदी, ४७E कवीन्द्रकर्णाभरण, २४७ कविगुह्य, २२६ कविरहस्य, २२६ कवीन्द्रकण्ठाभरण, १२४ कवीन्द्रवचनसमुच्चय, ५१०, ५२२ कच्चायन (व्याकरण), १६ कच्छवंश महाकाव्य, २८५ काकभुसुण्डि रामायण, ४६७ शेतात कातन्त्र व्याकरण, २२३ मीनियम कादम्बरी, १५८,५५३ निका कादम्बरीकथासार, १५८,१५६,५४४ कामधेनु, १५६ कामविलाप जातक, ३१०
- भारत कामसूत्र, १०३, २२८, ४६१ple कामसन्देश, ३३३ ।। कालिदास की लालित्य योजना, ७० (टि.) कालिदास की समीक्षा-परम्परा, २३ (टि.) कालिदासबिब्लियोग्राफी, ४३ (टि.) कालिदास : हिज आर्ट एण्ड थॉट, ३७ (टि.) काशिकावृत्ति, १३४ का काशीमहिमादर्पण, ५०५ - रविदा काशी विद्या सुधानिधि, २०० (टि.) लाया
- काव्यतिलक,
- काव्यद्रुम, २६८ मानिमाला काव्यप्रकाश, ६७ (टि.), ११४, १८६, मार
- २२६,२५१, ४२७,५४६ काव्यप्रकाश टीका, ५६६
- TOTEHT - 3590 HEUTE
- काव्यभूषण शतक, १२६ काव्यमीमांसा, ५, २१६, ५३४०
- काव्यालडकारसंग्रह. १२ESCREEPILIPOM
- ग्रन्थानुक्रमणिका
- ६०५
- काव्यरत्न, १२४, ३८१
- कृष्णकर्णामृत, ४१०-४१२, ४८८ मात्र काव्यादर्श, २४५
- कृष्णकौतुकम्, ५६१ मिनिरलगागा काव्यानुशासन, ६२, २०३
- कृष्णगीतम्, ५०३ जनानिहाणी काव्यालङ्कार, ६१,२१८, २४५ मामा
- कृष्णगीतिः, ५०४ सालतिर काव्यालङ्कारसारसंग्रह, १५८, १८३
- कृष्णचरित, १६ काव्यालङ्कारसूत्र,५५३
- कृष्णलीला, ३१२,३१४ काव्यालङ्कारसूत्रवृत्ति, ६७ (टि.), १०२, कृष्णलीला तरंगिणी, ४८८,४६० जागा
- कृष्णवल्लभाटीका, ४११ कास्यास्कार
- कृष्णविजय,५५८,५८५ लाकार किरणावलिप्रकाशनिवृत्तिपरीक्षा, ४६६
- कृष्णविलास, ५५६ जनालाही मानी किरातार्जुनीयम्, २२, १३३, १३५, १३६, कृष्णाभ्युदय, ५८५
- १३८, १६३, १७६, ३६२
- कृष्णाष्टक, ४०३ क्रियानिघण्टु, २२६
- केरलसाहित्यचरित्रम्, ५८५ (टि.) की कीचकवध, २४५
- कैटलागस् कैटलागोरम्, ५४६, ५५२ ।। कीर्तिकौमुदी, १२७, १६०,२७६
- कोकसन्देश, ३२७ कीर्तिसमुल्लास, ३०४
- कोकिलसन्देश, ३२३ कुट्टनीमतम्, २२७, २२८, २२६
- कोटिविरहम, ४७० कुन्तनिजातक, ३१०
- कोडिय-विरहम्,४७१ न
- म कुन्तेश्वरदौत्य, ३७
- कोदण्ड शतक, १२५ जाती कुन्दमाला, ५२६
- कोपीनपञ्चकस्तोत्र, ४०२
- र कुमारपालचरित, २१४, २२६, २७१, २७२
- कंसवध, २०
- कंसवहो, २०३, ३३८, ५८३ कुमारपालमहाकाव्य, ३४७
- हजार कुमारसंभव २४, २५, २६, ३२, ३६, ४२,
- क्षत्रचूडामणि, ३७२, ३७३ को ४५,४६, ४८, ५५, ५८, ६०,६१, ६३, ६५, ६८, ७३, ७४, १३१,
- खड्गशतक, १२२ १५८
- खण्डनखण्डखाद्य, १६८, १७३ कुमारसंभवकाव्य, ५२६, ५४६
- खण्डप्रशस्ति, ५१६ कुवलयमाला, ३५६
- खानखाना एण्ड हिज लर्निग, ३०६(टि.)जनिी कुवलयमालाकहा, २०४, २०६
- खानखानाचरितम्, ३०४,३०५ किमी कुवलयानन्द, ३६५,४२७, ५४६ । खुद्दकनिकाय,६५
- मिमी कुवलयाश्वचरित, २१४ कुशलवविजयनाटक, ५७६
- गउडवहो, २०३, २०४, २१४, २५५ कुशाभ्युदय, ५६०
- गङ्गालहरी, ५६५ कृत्तिवास रामायण, १२
- ख
- ६०६
- गङ्गावतरण, ५७५-५७७ गणरत्नमहोदधि,२५१
- घटकर्पर, ३११-३१३ गणेशमहिम्नस्तोत्र, ३७
- घटकर्परकलापकाव्य, ३११ गण्डीस्तोत्रगाथा, ४४७
- घटकपरकुलक, ३११ गद्यचिन्तामणि, ३७२
- घटकपरकलकवत्ति 392EAF गन्धर्वप्रार्थनाष्टक, ४३३RE THER
- घण्टापथ, १४२ गर्गसंहिता, ४६०
- च गरुडपञ्चाशत. ४१४
- चक्रपाणिविजय, १३१,५३६ गाहासतसई, ६८,९६,४५५,४६०
- चक्रपाणिविजय महाकाव्य, १६७, १६८, गिरिनाथ शिलालेख, २५०(टि.)
- १६९ गीतगङ्गाधरम्, ५०१
- चण्डीरहस्य, ४१६, ४२१ गीतगिरीशम्, ४६४
- चण्डीशतक, ११६, २२२ गीतगोविन्द, २४७, ३०६, ४६८, ४८६,
- चतुर्वगसंग्रह, ४५४, ४५५ ४६०,४६३,४५,४६७,५०६,
- चतुर्विपर्ययकथा, ४४७
- चतुर्विंशतिसन्धान, २४० गीतगोविन्दकाव्य, ४६०EF5. यान
- चतुःशतक,७१, ४४७ गीतगौरीपति, ४६८, ४EE
- चतुःश्लोकी, ४०७ गीतपीतवसनम. ५०२PATI
- चतुत्रिंशज्जातकहा, ८७ गीतराघवम्, ५०७
- चतुस्संधान, २४० गीतिकाव्य, ६३, ४५०, ४६३, ४७३
- चन्द्रदूत, ३४४, ३५३ गीतिशतक, १२६
- चन्द्रप्रभचरित, ३६७-३६६, ३७४ गुरुतत्त्वमालिका, ४१६.४२२R
- चन्द्रिका, ४३ गोदास्तुति, ४१४
- चन्द्रिकाकलापीड, ५५६ गोविन्ददामोदरस्तोत्र, ४१२
- चन्द्रिकावीथी, १८३ गोविन्दविलास,५६० वस्तादाम
- चमत्कारचन्द्रिका, ५६१ गोविन्दाभिषेक, २१२-5 सापड
- चर्पटपञ्जरिका, ४०१, ४० गोविन्दाष्टक, ४०३
- चातकसन्देश, ३४३ गौडोर्वीकुलप्रशस्ति, १६८ मध्यानमा
- चारुचर्या, ४५६ गौडवहो, २१३ मारी
- चित्रकाव्य, २१५, २४२, ४६७ गौडविजय,४८७
- चित्रचन्द्रिका, ४६८ गौतमस्वामीस्तोत्र, ४४६
- चिमनीचरित, ४७३ गौरकल्याण, २४१
- चित्रमीमांसाखण्डन, ५६५ गौरगणोद्देशदीपिका, ५६१ जनजामा
- चेतोदूत, ३४६ ग्रन्थारम्भद्रज्या, ४६१
- चैतन्यचन्द्रोदय, ५६१
- ६०७
- TOff काशिक
- ०९ सालाप
- त
- छ
- ग्रन्यानुक्रमणिका चैतन्यचरितामृत, ५६१, ५६२
- जीवातु, १७३ चौरपञ्चाशिका, २५६,४५८, ४५६
- जैनमेघदूत, ३४ER
- ४. चौरीसुरतपञ्चाशिका, २५६ ।।
- तत्त्वचिन्तामणिदीधितिपरीक्षा, ४६६
- निजात मिल छान्दोग्य उपनिषद्, २४६(टि.)
- तत्त्वभावना, ४४३ छिन्दप्रशस्ति, १६८
- तत्त्वार्थवृत्ति, ४३६
- जनाधानान तत्त्वसार, १११
- तन्त्रशिखामणि, ५७७ जगडूचरित, २६५, २६६ माछा
- तरंगवतीकहा, २०४ जगदाभरण, ५६६,५७१ जनजाणार
- तामिल रामायण, १२ जडवृत्त, १११ को नतिजा
- जियो जम्बूस्वामिचरित, ३८४-३८६ जायका
- ताराशशाक, atorigsity
- तारासाधकशतक, ४४८ जम्बुससामिचरिउ, २०५
- तालप्रस्तर, ३३६, ५८३ जय, १३
- सामाई
- तित्थयरशुद्धि, ४३४ जयन्तविजय, ३७६ F
- त्रिकालचतुर्विंशतिजिनस्तव, ४४२ जयवंश महाकाव्य, २८५
- त्रिपुरदहन, २४० जातकमाला, ८६, ८७ न
- त्रिपुरामहिमस्तोत्र, ३६३, ३६४ जातकस्तव, ४४६-
- 3
- भामा
- त्रिरत्नमंगलस्तोत्र, ४४७ जातिमाला, ४७७
- त्रिपदी दीपिकाटीका, १०८ जानकीगीतम्, ५०८ मा कति का
- त्रिपिटक, ३६ जानकीजानिस्तोत्र, ४२३ गामिनिक जानकीपरिणयनाटक, ५७७ शिम
- त्रिपुरसुन्दरीमानसपूजनस्तोत्र, ४३२ नाकाम
- जानकीपरिणय महाकाव्य, ५८० मामिमा
- त्रिपुरसुन्दरीमानसिकोपचारपूजा, ४०२ मत
- तिलकमञ्जरी, ४४२, ४६८ जानकीहरण, १६, १३१, १४३, १५१, नाशिक
- १५३-१५६ का रक्षा मानक
- त्रिषष्टिशलाकापुरुषचरित, ३७७,३८८ जाम्बवतीजय, १७-१८,२१७ मा
- त्रैलोक्यपरीक्षा, ११० जारजातशतक, ४७३ मा नातामा ज्ञानार्णव, ११० जिनचतुर्विंशतिका, ४४५ मा जति
- थेरगाथा, ६५, ६६,६७,६८ जना जिनदत्तचरित, ३६१, ३६३
- थेरीगाथा, ६५, ६८ जनताका जिनशतक, १३० जिनशतकालंकार, ४३५ - शास्तरिय दक्षिणामूर्तिस्तोत्र, ४०२ जिनेन्द्रगुणस्तुति, ४३८ १ प्रसन्हा सातानि दम्पतिशिक्षा, ५१६
- Poy 50s पाप जिनेन्द्रचरित, ३७७ की जनता दयाशतक, ४१४
- पापांतर
- त्रिलक्षणकदर्थन, ४३
- EOG
- काव्य-खण्ड
- दर्पदलन, ४५६ दरिद्रशतक, १०६, १११ दशरूपक, १०५, ११३, ४८७,५४२ दशावतारखण्ड, ५१६ दशावतारचरित, १६, १६३. १E४ दानलीला, ४६८ दानशाहचरित, ३०६ दिग्विजयमहाकाव्य, ३६०, ३६१ दीघनिकाय, ३७ दीनाक्रन्दनस्तोत्र, ४०८, ४०६ दुर्गासप्तशती, ३६३ दुर्घटवृत्ति, १७,१८,२२६ दृष्टान्तशतक, १२३ देवागमस्तोत्र, ४३४ देवीशतक, १२६,५३०,५४७ देहस्थदेवताचक्रस्तोत्र, ४३०
- यर्थकर्णपार्श्वस्तव, २४० द्वात्रिंशिका, ४३६ ड्याश्रयमहाकाव्य, २११
- नम्मयासुन्दरीकहा, २०५ नरनारायणानन्द, १७५ नरकासुरविजय, ५५७ नर्मदाष्टक, ४०३ नलकीर्तिकौमुदी, ५५५ नलचरित्र, ५७५ नलाभ्युदय, ३२५ नलोदय व्याख्या, २४६ नलोपाख्यान, १६८ नवखण्डपार्श्वस्तव, २४० मारनामा नवग्रहगर्भितपार्श्वस्तव, २४० पुस्तका नवसाहसाङ्कचरित, १८१, २५१-२५४० नवसाहसाङ्कचरितचम्पू, १६८ नवस्तोत्र, ४३८ नागकुमार, २०१ नागानन्द, १६४ नाटकचन्द्रिका, ३२८ नाट्यशास्त्र, १००, २२८, २५१, ४३०,
- ४८६, ५२४, ५२६, ५२७ गती पान नानक चन्द्रोदयमहाकाव्य, ३०२ मामला नाभेयनेमिद्विसन्धान, २३९ मा नारायणी, १७३ मा नारायणीयम्, ४१५, ४१६, ४७०,४७१गार नासिक शिलालेख, २५० (टि.) ािनिया नित्यपाठसंग्रह, ४३७ निब्बाणलीलावई, २०४- विशाल
- नीतिकल्पतरु, १६३ नीतिशतक, १०८, १११,४६५ नीतिद्वाविंशिका, ४६७
- शादी नीतिद्विषष्टिका, ५१३ का नीतिप्रदीप, ४८० नीतिसार, ३१३ नीलकण्ठचम्पू, ११
- लान नीलकण्ठविजय, ५७५ PREM निधि
- धनञ्जयनाममाला, ४४१ धनविभागविवेक, ४६४ धर्मपरीक्षा, ४४३ धर्मशर्माभ्युदय, १३१, २७६, ३७४, ३७५,
- ३७७
- नानाला
- धर्मोत्तरी, ५३० ध्वनिगाथापञ्जिका, १८४ ध्वन्यालोक, ४, १०,६७, ध्वन्यालोकलोचन, ६१, ५४०, ५४८ ध्वन्यालोकवृत्ति, ५३० धातुकाव्य, २२४, २२५
- Foधिकामा
- नटेशविजय, ५७६, ५८०,५८५
- ग्रन्थानुक्रमणिका
- ६०६ नीलकण्ठसन्देश, ३४३ । महिनापद्यमुक्तावली, ४८३
- श नीलमतपुराण, २४८, २६१
- पद्यरचना, ५१७: नितीशष्ट नृपावली, २४८e Feोजना पद्यवेणी, ५१८ नृसिंहचम्पू, २४२ १ . पद्यामृततरंगिणी, ५१८, ५१६ नेपाली नेपालीयदेवताकल्याणपञ्चविंशतिका, ४४८ पद्यावली, १५६ नाम मिलार नेमिदूत, ३४५00 की कृष्णा परमार्थसंगीति, ४४८
- जानकर नेमिनाथ महाकाव्य, ५५७ शिमिनार का पराक्रमबाहुचरित, १५३४. राम नैषधकाव्य, १६८
- का
- परिभाषावृत्तिव्याख्यान, ५७७: मिनाहार नैषधदीपिका, १६४ांगणमाकानी परिवेदनशतकम्, ३४३ वा अविनाम नैषधपरिशीलन, १६५
- पवनदूत, ३१४-३१६ मिनीस्कार नैषधीय चरित, २२, १४४, १६३, १६४,जा पवनपञ्चाशिका, १E३ | भीमाशाला मा १६५, १६८, १७०, १७१ मा मात्र पाण्डवाभ्युदय, ५५६ . त्यानलमार नैष्कर्म्यसिद्धि, ३०१ जावाजमान पाणिनि तथा संस्कृत के अन्य अल्पज्ञातामा न्यायावतार, ४३६ कामगार - कवियों की रचनायें, ५४६ (टि.) कर न्यू कैटलागस् कैटलागोरम्, ५०१ जाति पातञ्जलमहाभाष्य, २१६ ।। PI
- पातालविजय, १७, १८ तशातार
- पादाकदूत, ३३७ पउम चरिउ, १२, २०४, २०५, २०६ एक
- जानतकुनार
- पादुकासहस्र, ४१४ ताकि तिमितिमार पञ्चकल्याणचम्पू, २३८ किया
- पारिजातहरण, १७५,५६२,५६३ पञ्चतन्त्र, २२६, ५१६
- पार्थविजय, ५४६, ५५० मिक्सतगार पञ्चतीर्थीस्तुति, २४० मानकी
- पार्थिवावली, २४८वानासाना स्वामशार पञ्चशती, ४०३
- पार्वतीगीतम्, ४६६, ५०० को हार पञ्चस्तवः, ४३२ नतिजारमा
- पार्वतीपरिणय, ३२५,५५८ Shre: पञ्चस्तवी, ४२७
- पार्वतीरुक्मिणीयम्, २३४ जाती तशालीजिए पतञ्जलिचरितम्, ५७७, ५७८, ११०ी
- पार्श्वनाथचरित, ३७०
- मार पण्डिताराध्यचरित, ३०१
- पार्श्वनाथजिनेश्वरचरित, ३७० विजयी पदचन्द्रिका, १५६, २२५ पदार्थखण्डनव्याख्या, ४६६
- पार्श्वनाथस्तव, ४४६ मत
- पार्वाभ्युदय, ३५६,३६० पदार्थदीपिका, ४३
- नमक
- पार्श्वस्तव, २४०POE पदुमचरित, १२ घावातीला
- पासचरिउ, २०५ पद्मपुराण, १८२
- पिकदूत, ३३५, ४६६ पद्मानन्द (जितेन्द्रचरित), १७८ मापी
- फागण
- पीयूषलहरी, ५६६ पद्मानन्दमहाकाव्य, ३७७-३७६ पद्यकादम्बरी, १५८, १६३ किमत
- पुष्पवईकहा, २०४ - नितिन
- पुराणार्थसंग्रह, ५१३ पद्यचूडामणि, ७१, ८२,८७, ८६
- -10 लामा
- ६१०
- पूजावलिः, १५३
- बिहार एण्ड उड़ीसा रिसर्च पत्रिका, पृथ्वीराजविजय, २६७, २७४, २६० PEEP पेस्टोरल पोएट्री, ६३
- बुद्धचरित,७१, ७३, ७५,७६, ७८, ७E, प्रक्रियासर्वस्व, ४१६ - विकिसकर
- सदा ८३, ८७, १६० प्रतिभा भोजराजस्य, ५२०(टि.) हलास बुधभूषण, ५१७ गया कानामा प्रतिमानाटक, ४२४४निगम बृहच्छङ्करविजय, ३०० साली प्रदीप, ४२ PE सीमामला
- बृहच्छाङ्गधरपद्धति, ५१२ सालमा प्रद्युम्नचरित, ३६५, ३६६ लावतार बृहत्कथा, १६ प्रबन्धकोश, १६४, १६५ काकाजी बृहत्कथामञ्जरी, ६०, १६२-१६४, ५५८ याही प्रबन्धचिन्तामणि, १०६,३०२
- बृहत्त्रयी, १३३, १६३ मीणा प्रयागप्रशस्ति, २५० (टि.) कायम बृहत्त्रयीएकतुलनात्मक अध्ययन,१७१(टि.) प्रस्तावरत्नाकर, ५१४ माकणार बोधिचर्यावतार, ७२ वह प्रस्थानत्रयी, १३२ किलको शित मिति
- बोधिसत्त्वावदानकल्पलता, ६०, १६३, १६४ प्रस्थानभेद, ४१७ मा दिला बौधायनगृह्यसूत्र, २१७ प्रसत्रराघव, ६६ (टि.) मागताताका बौद्धसंस्कृतकाव्यसमीक्षा, ४४७ (टि.) प्रसन्नसाहित्यरत्नाकर, ५१२ राणवाया जाए प्राकृतप्रकाश, १६, २१२ वाशा प्राकृतभाषा और साहित्य का आलोचनात्मक
- भक्तामरस्तोत्र, ४३६४०१
- या का इतिहास, २१०(टि.)
- भक्तिमन्दाकिनी, ३१६ प्राकृतमञ्जरी, १ET FAST
- भक्तिरसायन, ४१७PF
- मिनिस्टर प्राकतलक्ष्मीनाममाला, ४४२०
- भक्तिविलासदर्पण, ५०५
- ताशा प्राकृत-संस्कृत का समानान्तर अध्ययन, नि
- भक्तिशतक,७२, ४४E50 दार
- किया २११(टि.)
- भगवद्गीता-टीक, ४१७
- शासन प्राचीनशङ्करविजयम्, ३०१
- भगवत्पादचरित, ५६५ प्राणाभरणम्, ५६३, ५६४, ५७१ मा
- भट्टिकाव्य, १०६, १४३, २१५(टि.), न्याहार प्रियदर्शिका, १६४ातिवाद
- २१७-२२१०ीमार भट्टिकाव्यचन्द्रिका, २१८ २१ मिना ।
- भट्टिकाव्यविमर्श, २१७ माया STEP बलिबन्धन, २०ीमार
- भरतचरित, ७०, ५८५ पार
- शर बसवेशविजय, ३०१
- भरतबाहुबलिमहाकाव्य, ३३८ YoF छतमा
- कमान बहदर्शन.
- १
- भर्तृहरिनिर्वेद, १११ बाणासरविजय. ३२५३३५४EF ET
- भर्तृहरिशतक, ११३, ५१E TIPAT बालचरित, २१७३ मशी
- भर्तृहरिसंहिता, १०६, १११ साल बालप्रबोधिनी, १७७-१७ES
- भर्तृहरिस्मारिका, १०६ (टि.) नाला बालभारत, १७७-१७६.६८ सामाyp
- ग्रन्थानुक्रमणिका भल्लटशतक, ११६, ११६ शाह मदनकेतु चरित, ५८३ - सामागार भविष्यदत्तकथा, २०५
- मदनकेतुप्रहसन, ३३८
- । भविस्सदत्तकहा, २१३ दिशा मधुमथविजय, २१३
- काम भागवतचम्पू, ३३८, ५८३ प्रमाणात मधुराविजय, २६६ विकट भागवतपुराण, १८२, ३६६ जनाक
- मधुराष्टक, ४३३ साक्रीका भागवतसंग्रह, ३४३ ४ ३४-1
- मनोदूत, ३२६, ३४१, ३४२ मतकात भागवृत्ति, १०६
- मनोरमाकुचमर्दन, ५६५ शिष्य भामिनीविलास, ५६५,५७० लाyि मनोरमाचरित्र, २०५ नमामिला तीन भामहविवरण, १५८ ककनीबाग मन्दसौरप्रशस्ति, २५० (टि.) कापारी भारत, १३
- मयूरसन्देश, ३२४ र का भारतमञ्जरी, १२, १६३, १६४ीक मयूराष्टक, ४५१
- लापर भारतसंग्रह, ५५८
- महाकाव्य, १,२६-FE कशा भारतीय संगीत का इतिहास, ५८२ (टि.) महागणपतिस्तोत्र, ४१३, ४१४ 33 भारत में बौद्धधर्म का विकास, १६ मीना महाचौलराजीय, २७F PO’ भावनाद्वात्रिंशतिका, ४४३ मितिका महापरिनिब्बानसुत्त, ३७६-४EE भावविलास, ४६८, ४७०ीण महापुराण, २०५F Pाशा भावशतक, १२५ 300 कि महाभारत, ६,१२,१३-१६, २१, २४,माज भाषावृत्ति, १७
- टाका १३३, १३४, १३५, १३७, १४८, शाम भिक्षाटनकाव्य, ४६७, ४६८ मा उनी १८२, २४६, ५५५५ किमाकाराति भुवनाभ्युदय, २५१, ५२४ 3 की महाभाष्य, १६, १०८ भुसुण्डिरामायण, १२ । गीतकमीशन
- महायान श्रद्धोत्पादशास्त्र, ७५ या भूपालचरित, २E६F टा
- महावीरस्वामिस्तोत्र, ४४४ नाम नामक भूवराहविजय, ५८२
- जागा
- महासुभाषितसंग्रह, ५१३ (टि.) कार भृङ्गदूत, ३३६ । म तिलकामा
- महिम्नस्तव टीका, ४१७४ कलातकार भृङ्गसन्देश, ३२१४ माविलोमा
- महीपालचरित, ३४७, ५६० मालाकारण भैमरथी, २०
- माहिश
- माधवोदय, ४६७, कीरि भैरवस्तव, ४३० स णावार
- मानचिन्तामणि, १०३ प्रतिशत भोजचरित्र, ३०१, ३०२ सालाना
- मानमेयोदय, ४१६
- मा भोजप्रबन्ध, १६० पक्षामा
- मानसपूजार्याद्विशती, ३६३ काशित भ्रमरदूत, ३३४,४६६ शकीमा
- मारीचवध, ४८६ सालमा मार्कण्डेयपुराण, ५०५०
- मालतीमाधव, ३१६, ४८० मालिका मखकोश-टीका, २२६ एसियामा मतिचित्रगीति, ४४७ - -
- मिश्रकस्तोत्र, ४४७ मिनिट
- मीनाक्षीपञ्चरत्न, ४०३ टीजर मत्स्यपुराण, १५५
- ६१२
- काव्य-बण्ड मीमांसासूत्रवृत्ति, १०-कोशातीय योगशतक, १०६, १११ रहेर कामकाज मुक्तावली, १६३EF मात्रामा र मुक्तककाव्य, ६१,६३,४७४माम रघुनाथचरित,३२५,१५७ मुकुन्दमुक्तावलि, ४३०, ४३३ पटक
- रघुनाथाभ्युदय, २८४ाशा मुकुन्दविलास, ५७५ काम रघुवंश, ४, १६, २२, २३, २५, ३६, ४१,म मुकुन्दशतकम्, ३३८, ५८३ TATE ४२, ४३-४६,४६,५१,५४,५६, मुग्धोपदेश, ४६३ चिम गति
- ६५, ६८, ७३,७४, ८६ मत मुनिमतमीमांसा, १६३ कशासचिन
- रघुवंशदीपिका, ४२ सालमा मुनिसुव्रतकाव्य, ३८१ 5 काममा रघुवंशपञ्जिका, ४२ -मासान मूर्खशतक, १०६, १११ किमान
- रत्नावली, १६४ मूषकवंश, २६३, २६४
- रघुवरचरित, ५८२ मेघदूत, ३२, ३३-३८, ४२, ५१, ५४, ५८ रघुवीरचरित, ५५७
- ५६,६०, ६५, ६६, ६३, १००, गवार
- रसगङ्गाधर, ५६४,५६५, ५७०, किसान १०२, १५७, ३०-३११,
- रसचन्द्रिका, १२४ ३१४-३१७,३३६-३३८, ५४६ मा रसतरंगिणी, ४६८, ४EEभी जाताना मेघदूताभ्युदय, २४७ या HELP रसपारिजात, ४६८०27923 Bार मेघसन्देश, ३५ (टि.), ६३ , कागवार
- रसबोधिनी, ५०८
- R THEATE मेघदूतसमस्यालेख, ३५० का रसमञ्जरी, ४६८, ४६६ मार मोहमुद्गरस्तोत्र, ४०२, ४०६
- रसिकजीवन, ५१७ , समाजमा
- रसिकरञ्जन, २४३. F याना यतिराज सप्तति, ४१४ नाशिक वाता
- रसिकसञ्जीवनी, १०३ र मालामालीन यदुसुन्दर महाकाव्य, ३८६, ३८७
- राक्षसकाव्य, २४६ यमक काव्य, २१५.२४१
- गाला
- रागकाव्य, ४८६, ४८७, ४८८ ENTER यमकरत्नाकर. २४६ FTER
- रागकाव्यविमर्श, ४८८ (टि.) यमन यशस्तिलकचम्पू, १०६, १८१, ३७४ सय
- रागविबोध, ४७७ यशोधरचरित, २०५,३८३-३८४ मा राघवनैषधीयम्, २३५-२३७ र यादवराघवीयम्, २३E FO
- राघवपाण्डवीयम्, २३१, २३२, २३३श्याम यादवाभ्युदय, ५५६
- मिनिस
- राघवपाण्डवयादवीयम्, २३८, २३६ म्यान यादवोदय, ४८७ मानुएलाया
- राघवयादवीयम्, २३६ युक्त्यनुशासन, ४३५
- जिस
- राघवविजय, ४८६ 2 015 युक्तिषष्टिका, ७१४० नामितलाक
- राघवीयम्, ३३८, ५८३ युद्धकाण्डचम्प, १७ERE THI
- राजतरंगिणी, ११६, १६५,१८१, २२७, र युधिष्ठिरविजय, २०३, २२४, २४०० म २२८,२४८,२५१,२५६, २६०, शिम योगवासिष्ठ, १२, ३६०
- २६१, २६३, २६४, २६५, २७४, तार
- रामाष्टमासस्तव,५७७, FREE
- किमी कशालाकिर
- लघयागवासिष्ठ, १५६
- ग्रन्थानुक्रमणिका ४४६, ४५३, ५२१, ५२५, ५२८ राजप्रशस्ति महाकाव्य, २८६-२८८ राष्ट्रपाल, ८२ राजा भोज का रचना-विश्व, ५८५ (टि.)
- राष्ट्रौढवंश, ३०४ राजावलिपताका, २६६
- रासक्रीडा, ३३६० राजेन्द्रकर्णपूर, ४५३
- राहतकाव्य, १०६ रामकथा, १२
- रिकार्ड आफ बुद्धिष्ट रिलिजन, १०६ रामकर्णरसायन, ५५७
- रिट्ठनेमिचरिउ, २०५ रामकर्णामत. ४१२३
- रुक्मिणीकल्याण, १५६, ५७८, ७ET रामकृष्णविलोमकाव्य, २४२
- रोमावलीशतक, १२४ रामगीतगोविन्द, ४६७, ५७६, ५८० रामचरित, १६, १५८-१६०, ५४४, १८५
- लक्ष्मीनारायणचरित, ५८२
- पाक रामचरितमानस, १२
- IP
- लक्ष्मीलहरी, ५६५, ५६७ रामचापस्तव, ४२२, ४२३, ५७७
- लक्ष्मीसहस्र, ४२५, ४२६ प्रविधिमकी रामचित्रस्तव, ५७७
- नाग
- लघुत्रयी, १३३ रामप्रसादस्तव, ५७७
- लघुपंचिका, १८६ रामपालचरित, २३५,२७० रामबाणस्तव, ४२२-४२४
- ललितविस्तर, ८७ रामभद्रस्तोत्र, ३३८
- ललितास्तवरत्न, ३६३, ३६४ । रामलिंगामृत, ५८३
- लावण्यवती, १६३ रामशतक, १२७
- लीलावईकहा, २०४, २१० रावणवध, १६, १४३, २२२
- लीलावती, २४२ रावणविजय, २१३
- लीलावतीवीथी, ३३८, ५८३ रावणार्जुनीयम्, २२१-२२३
- लोकप्रकाशकोष, १६३ रामविलास महाकाव्य, २६२
- लोकेश्वरशतक, ७२ रामायण, ३, ६, ११, १२, १४, १५, २१,
- २४,३४, ४१, १५४, १६१, २१७,
- २१८, २२०, २५० रामायणमञ्जरी, १६, ६०, १६३, १६४
- वक्रोक्तिजीवित, ५२६ माना। रामायणयमकार्णव, २४७
- वक्रोक्तिपंचाशिका, १८४, ४२६ रामायणसारसंग्रह, ५७६
- सामान
- वक्षोजशतक, १२४ प्रवासाची रामायणसारसंग्रहरघुवीरस्तव, ४१६, ४२२
- वजसूची,७५ - रामायणसंग्रहस्तोत्र, ५७७
- माननाममयी
- वरदराजस्तव, ४१८, ४१६ पित रामायणसंग्रह, ५८२
- वरदराजस्तवपञ्चाशत्, ४१४, ४१५ मत रामाष्टप्रास, ४२३
- लोकोक्तिमुक्तावली, ४८३ लौकिकन्यायश्लोक, ५१६
- तास८१४
- काव्य-खण्ड
- वरदराजस्तव, ४३१, ४३२ करताना
- विषमपदोक्ति, १८६E वराङ्चरित, ३५६,३५६ रसाएर
- विषमबाणलीला, १२६ वर्णमालास्तव, ५७७ मागा
- विषापहारस्तोत्र, ४४१ वर्णमालास्तोत्र, ४२३ सिम)
- विसमबाणलीला, २१४ वर्णनाहवर्णन, ४४७ ३०
- विष्णुगुणादर्शचम्पू, २३६
- तार वहिवर्णस्तोत्र, ८५ जना अमन
- विष्णुधर्मोत्तरपुराण, ६२, ५१७ । वर्धमानचरित, ३६३, पिन
- विष्णुपादादिकेशस्तोत्र, ३१६ । वल्लालशतक, ११३ णातीणीह
- विष्णुपुराण, ४२, १४८ वसन्तविलास, २७६-२७८ परियार
- विष्णुभक्तिकल्पलता,४६४ सालमा वासवदत्ता, २०
- विष्णुलहरी, ५६५
- जापिताः वाक्यपदीय, १०८, १०६, ११०, ११३
- विष्णुविलासम्, ५८३ मीरा वासुदेवविजयम, २२४, २२५
- विष्णुसहस्रनाम, ३६३ विक्रमादित्यचरितम्, ३३, ४३
- वीतरागस्तोत्र, ८६ विक्रमोर्वशीय, ६
- वीरकम्परायचरित, २६६ मत विद्युल्लता, ३४, ३५ (टि.), ३१६ वीरजिनस्तोत्र, ४३५ विक्रमाङ्कदेवचरित, २५४-२५७
- वृत्तवार्तिक, ३३६ जना यातना विजयप्रशस्ति, १६८
- वृन्दावनकाव्य, टटजम प्रया विजयप्रशस्तिमहाकाव्य, ३८६
- वृन्दावन यमक, २४७
- बन्दावनावनाद काव्य, ४६६ विज्ञानशतक, १०६, १११ विबृत्त, १०६, १११
- वृन्दावनस्तुति, ४१२ विदग्धमुखमण्डन, २४६
- वेंकटेशचरित, ५८५ विद्धशालभञ्जिका, १२१
- वेदत्रयी, १३२ विद्याविवृति, १६३
- वेदान्तसूत्रवृत्ति, १०६ विद्वच्छतक, १०, १११
- वेमभूपालचरित, ३२५ विनयवल्ली, १६३
- वैकुण्ठगद्य, ४३२ विनिश्चय टीका, ५३०
- वैजयन्ती, २१८ । विलासवईकहा, २०४,२१०, २१४ वैयाकरण सिद्धान्त-सुधानिधि, १२४ विविधार्थमय सर्वज्ञस्तोत्र, २४०E . वैराग्यशतक, १०८, ११२, ११३, ११६, विवेकविलास, १७८
- ताकि १२०, १२१, ४७५ विशाखविजय, २६ कानिएकीका व्यक्तिविवेक, १८१ विश्वगर्भस्तव, ४२२, ४२३, ५७७ व्यवहारशतक, १०६, १११ विश्वगुणादर्शचम्पू,४२५ निकाल व्याससुभाषितसंग्रह, ५१३ विश्वभारती पत्रिका, ८६ (टि.)ERE
- व्यासाष्टकम, १६३ विश्वसाहित्य की रूपरेखा, २७२ (टि.)
- वंशकाव्य, ४५
- ग्रन्थानुक्रमणिका श
- शिामा शिवताण्डवस्तोत्र, ३६५ सायक्ति शकुनशास्त्र, २१७, क्षमताका शिवपुराण, १३५ धि शङ्करगुरुपरम्परा, ३०० शिवभारत, २६८, २९Engण्याष्टि शङ्करदिग्विजय, १०१ मा शिवभक्तिमाहात्म्य, ५०५ मा पनि शङ्करदिग्विजय महाकाव्य, ३०० शिवभुजङ्गप्रयातस्तोत्र, ४०३ : शङ्करविजय महाकाव्य, २६६ शिवमहिम्नस्तोत्र, ३६७,३६८ गरि शङ्कराचार्य, २EE , समान काम शिवलीलार्णव, ५७५, ५७७ मत शङ्कराचार्यचरित, ३०१ - HIE: शिवशक्तिसिद्धि, १६८ काति शङ्कराचार्य-ग्रन्थावली, ४०० मिलता शिवशतकम्, ३३८ मा शङ्कराभ्युदय, ३०० शालालाजीत शिवस्तुतिः,४३१, ३५ लामणति शकराभ्युदमहाकाव्य, ५७६ तक कि शिवानन्दलहरी, ४०२ शतक काव्य,६१,६२ शिवोत्कर्षमञ्जरी, ४१६, ४२१, ५७६ गोर शतकत्रय, १०८, १०६, ४६५ जीजावी , शिशुपालवध, ३, २२, १४३, १४४-१४६, शतकत्रयादि सुभाषितसंग्रह, १०६, १४८, १५१, १६३ कक्षा (टि.), १११ जिलावती शिशहितैषिणी, ४३ साप्ताजालिमा शत्रुशल्यचरित, २E११६ तमामणी शिष्यलेखकाव्य, ३५४ शब्दकौस्तुभकाणोत्तेजन, ५६६ मा शब्दचन्द्रिका, ५५८ शब्दधातुसमीक्षा, १०८ ११४ शून्यतासप्तति,७१ श्रृङ्गारकलिकात्रिशती, ४८३ । शब्दरत्नाकर, ५५८ वी लिहा श्रृङ्गारकोश भाण, ५७५ शब्दशोभा, ४७३ निसान निकाय श्रृङ्गारतरंगिणी, १०३ शब्दानुशासन, १७, २२६ सभामा श्रृगारतिलक,२५,४५० शम्भुराजचरितम्, २८६ मामा श्रृङ्गारतिलक भाण, ५७७ शरणागतिगद्य, ४३२ जिला श्रृङ्गारदीपिका, १०३ शरतसंघात, २ जना श्रृगारप्रकाश, १५५, १८४,२३१,२४५ शान्तिविलास, ४१६, ४२०, ५७५ श्रृङ्गारभूषण भाण, ३२५ शान्तिशतक, ११३, १२१ का श्रृङ्गारवैराग्यतरंगिणी, ११३, २३०, २४४ शारिपुत्रप्रकरण, ७३, ७५, ८२ श्रृङ्गारशतक, १०८, १११, ११३, १२२, शाङ्गरधरपद्धति, १६,४१३, ५१२, १२२, ४५५,४६५, ४७३ ५२४, ५४७,५५० नमा श्रृड्नगारालापसुभाषितमुक्तावली, ५१७ शास्त्रकाव्य, २१५ 35 सायद श्रृङ्गारहारावली, ४६६ शास्त्रपरामर्श, ४२८ शनि शौरिकथोदय, २४० शिक्षासमुच्चय, ७२६ मा श्यामलादण्डक,२५, ४२६ शीलदूत, ३४७, ३४८ मिकता शुकसन्देश, ३२० : सानिया कि कतार शब्दभदानरुपण, ५७७ निजामतीकृत *६१६ काव्य-खण्ड श्लोकसंग्रह, ५१७ मियादी सम्यम्बुद्धलक्षणस्तोत्र, ४४७ श्रीकण्ठचरित, १३१, १६४, १६५, २६७ सरस्वतीकण्ठाभरण, ६८, १८३, २३१, श्रीनिवासकर्णामृत, ४१२ कारवाही दि २५१, ४२७,५३७,५४० तार श्रीमद्भागवत, १४६, १४८, ३१०, ३२६, सलुवाभ्युदय, २६७ की जीताप म ३३२, ३३८ मारमा सहृदयानन्द, १३१, १७ जित झाप श्रीरङ्गराजस्तव, ४३२ मिाझी माती साम्बपञ्चाशिका, ३६६,३६७ मतभार श्रीवराहशतक, ५८२ शिलाजिमी सारागदा, ४११ - १० मनाया श्रीसूक्तावली, १६जीशीतपिती सारिकासन्देश, ३३६-३४०,५८३ मा श्रीस्तुतिः, ४०७ REE हमारी साहित्यदर्पण, ६, ६६,४८७,५३८ शाई श्रेणिकचरित, २२३६ कोलागी साहित्यरत्नाकर, २८४ शाक्य सिथवस्त्रकार, १५६ बालाजपा षड्ऋतुवर्णन, १२४ १४ लागि सिद्धान्तकौमुदी, ४१६ का धनसार षड्ऋतुवर्णनकाव्यम, ४८४ सिद्धान्तबिन्दु-टीका, ४१७ मा परिकार षड्दर्शनविवरण, १११ सिद्धान्तागमस्तोत्र, ४४६ शतकात षड्दर्शनसिद्धान्तसंग्रह, ५७७ मादी सिद्धिप्रियस्तोत्र, ४३७ सिरिचिंधकव्य, २११, २१२, २१४ तलाश सीताराघवम्, ३३८,५८३ महाशा सीतास्वयंवरकाव्यम्, ४८५ शनिवार सक्षेपशङ्करविजय, ३०० सीताहरण,४४१ सङ्गीतगङ्गाधरम्, ५०५ । सुकृतसंकीर्तन, १२७, १७८, २७६ र सङ्गीतराघव, ५०६ सुखबोधिका, २४४ सङ्घातकाव्य, E२ सुगतपञ्चत्रिरत्नस्तोत्र, ४४७ जाकिर सञ्जीवनी, ४२ सुदर्शनशतक, १२६ - ललका सदुक्तिकर्णामृत, १७, १६, १२१,१५६, सुदामाचरित, ४३२ हजार ५११, ५२२, ५३२, ५३४, ५३५, सुधालहरी, ५६५, ५६६ मामा ५३६,५४०,५४३,५४६,५५३ सुन्दरीशतक, १२८,४६७ लापरवाह सन्धानकाव्य, २१५ सुभगोदयस्तुति, ४२६ माझी सप्तबुद्धस्तोत्र, ४४८ सुप्रभातस्तोत्र, ७२ लापनका सप्तसन्धान, २४० सुप्रभातम्तोत्र, ४४६ सालपाशी सभारजनशतक, ४७५ सुबोधाटीका, ३४ (टि.) विणकामगार सभ्यालकरण, ५१८ सुबोधिनी, २१८, ४११००। सभ्यालकार, ५२२ सुभद्राहरण, २२६ मिनाकार समयमातृका, १३, २२E सुभाषितनीवी, ५१४ ज नाकार समराइच्चकहा, २०४ सुभाषितप्रबन्ध, ११३, ५२० मा जान सडकल्पसर्योदय. ११४E REDITE: अन्धानुक्रमणिका -६१७ सुभाषितरत्नाकर, ५४० मिमीरीती सौरिचरित्र, २१४ कामना सुभाषितसुधानिधि, ५१३ ला तीन स्तुतिकुसुमाञ्जलि, ४१३ ६ माही सुभाषितावली, १६७१, १११, १५५, १५E, स्तोत्र काव्य, ३६२ २२८, २२६, ५१२, ५२२, १२४, स्तोत्रावली, ४२८ किमि ५२६, ५३४, ५४६, ५४७ स्थैर्यविचारप्रकरण, १६८ को सुभाषितमुक्तावली, ५१५ का ३ स्वप्नवासवदत्तम्, ७० शारित सुभाषितरत्नकोश, १०१, १५४, १५६, स्वर्गारोहण, १६, २१७ मा बीस ५१०-५१२, ५२२, ५२५, ५३२, स्वयंभूस्तोत्र, ८६, ४३५, 5 S45 ५३५, ५३६, ५४३, १४४, ४६ स्वाहासुधाकरचम्पू, ४७०, ४७१ फीक सुभाषितरत्नसन्दोह, ४४३ शणमा संस्कृत एण्ड प्राकृत महाकाव्याज, सुभाषितहारावली, ५१६ लाया २१३ (टि.) 20 मालिका सुभाषितसंग्रह, ५५० संस्कृतकविदर्शन, १०२ (टि.) सुमनोत्तरा,२० संस्कृतकाव्य के विकास में जैनकवियों का सुरजनचरित, २६० योगदान, २४०(टि.) सुरथोत्सव, २७E संस्कृतगीतिकाव्य का विकास, ४६१ सुरसुन्दरीकहा, २०४। संस्कृत पारसीकपदप्रकाश, ५६१ सुलैमच्चरित, ३०३, ३०४ संस्कृत महाकाव्य की परम्परा, ६ सुवृत्ततिलक, १८,३८, १८३, १८६, १६३, संस्कृत साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास, २१६ २२७ (टि.) सुहल्लेख, ७१, ३५३ संस्कृत साहित्य का इतिहास, ७६ (टि.) सूक्तिमुक्तावली, १६, २०, १५३, ५१२, संस्कृत साहित्य का इतिहास, ५,८६,८७ ५१५,५२२,५२४,५३०,१३३, बा (टि.),२५१ (टि.) संस्कृत साहित्य का समीक्षात्मक इतिहास, सूक्तिरलहार, ५१२,५१३ आ २५१ (टि.) सूक्तिसुन्दर, ५१८ संस्कृत साहित्य की रूपरेखा, २५० (टि.) सूत्रसमुच्चय, ७२ संस्कृत साहित्य को इस्लाम परम्परा का सूर्यप्रकाश, २४२ योग, ३०५, (टि.) सूर्यशतक, ११५, ११६, ४५१ संस्कृत साहित्य में अन्योक्ति, ४६८, ४७८, सेतुबन्ध, १६, २०४, २०६, २०७, २०८, २१४ संस्कृतसुकविसमीक्षा, ११४ सेव्यसेवकोपनिषद्, ४५७ सोमनाथशतकम्,४७७ हनुमन्नाटक, ४६७ सौन्दरनन्द, ७४, ७६, ८०, ८२, ८३, १६० हम्मीरमहाकाव्य, २७६,२८२,२८३,२९० सौन्दर्यलहरी, ४००, ४०३ हयग्रीववध, १४४, १४६, १८०, १८१-१८४ ६१८ मकाव्य-खण्ड हरदत्ताचार्यमाहात्म्य, ५०५ किमीकि हस्तिगिरिचम्पू, ४२५ कामिक हरविजय, २२, १८४, १८५, १८६, २१३, हस्तिजनप्रकाश, १६३ मीनिकमा जो ४२E सहित हालस्य माहात्म्यम्, ५०५ सालाना हरिचरित, ५५६, विकास कि हितोपदेश, ५१६ हरिभक्तिरसामृतसिन्धु, ३२८ायोग हिस्ट्री आफ क्लासिकल लिट्टरेचर, हरविलास, १३१, २०१-२०३ ६६ (टि.) हरिवंशपुराण, १३, १२४, २०५, २१२, हिस्ट्री आफ संस्कृत लिट्टरेचर, १२१ (टि.)
- ३५६, ३६६, ५६२ सामान्य होलिकाशतक, १२४ हरिहरसुभाषितम्, १०८, ५१५ शाक हंसदूत, ३२५,३३० हर्षचरित, ६६ (टि.),११४, ११५ के. हंसपादाङ्कदूतम्, ३५३शीत हस्तामलकस्तोत्र, ४०३ - १ हंससन्देश, ३१०, ३१६, ३१७, ५५८ For: सस्ता का निकायके TODकाको = = = ਸਵਰ ਜਾਏ ਰਸ ला काय मालकिला गाई कामना नामानुक्रमणिका REF ने नामानुक्रमणिका YE का कि HARISE चाप र भा, पाटनर N, FOP अपनीमा नवनिमगार - किती मा अमृतानन्द, ४४८ अकबर, २४० अम्बष्ठ चन्द्रशेखर, २६० अगस्त्य कवि, ५५५ अरविन्द, ७० २४ अच्चान दीक्षित, ४७६ तक कि अरिसिंह, २७८ अजीत सिंह,२८५ अरिसिंह ठाकुर, १७८ अणहिल पाटल, २७८ हस्तान्त अरुण कुमार शुक्ल, ५०७ अनन्त, १६२,३०१ मा निरन्तर अरुण गिरिनाथ, २३, ४३ अनिरुद्ध, २१७ -50 मागे अर्जुनवर्म देव, १०२, १०३, ५३२ अप्पयदीक्षित, १०५, ११६,३६५, ४१८, अहंददास, ३८१-३८३ ४१६, ४२७, ४७४, ५७४, बसपा अवतार कवि, १२८ of ५७५,५७८ मत गाना अश्वघोष, १६,७१,७३, ७४, ७५, ८०, अब्दुल रहीम खानखाना, ३०५, एक ८२,८३,८४, ८५, ८६, १३१, अब्दुल्लाह, ३०६,३०७ का नाम १३७,२१७ अभयदेव सूरि, ३६६.३७१ बालिका असग कवि, ३६३,३६४ लातिर अभिनन्द, १६, १३१, १५८, १५६, १६०, अहमद, ३०४ इतकादि । १६२, १६३,५११, ५३१, ५३३, आ आच्चा दीक्षित, ५७५ 35 मित्र अभिनवगुप्त, ६१, १०२, १५१, १५८, आचार्य कुन्दकुन्द, ४३४ाधिक १६३, ३११, ३१२, ३१४, ३६६, आचार्य मानतुङ्ग, ४३६,४४० मारहा २४२८, ४३०, ४८६-४८८, ५११, आत्रेय कृष्ण शास्त्री, २EE ५४८ आदिनाथ नेमिनाथ, ४३६ जीना अभिराम कामाक्षी, ५६० र गामिक आदिशकराचार्य, १०१ हारमक अमरचन्द्र, २७E EFTERTA आनन्द, २५५ मा अमरचन्द्र सरि, १७७-१७E, ३७७ आनन्दगिरि, ३०१ जना अमरसिंह, ५५४ र आनन्दतीर्थ, २४१ र अमरुक, ६१, ६६, १००, १०१, १०२,० आनन्दवर्धन, १०३, १०६-१०८,४५० जना ४,१३,६७,६१,६६,१०१,१०२,१०४,११६ अमितगति, ४४३ मालीका ११७,११६,१२६,२१३,२१४,२१५,५२२, काव्य-खण्ड हरव ५२५,५२६,५३०,५३१ आ.ने.उपाध्ये, ३५६ आपाजिनन्द, ५१८ आफेट, १०२,५५७ आर्यशूर, ८६,८७ आर्याम्बा, ३EE2012 आर्याविलास, १५८ आलमशाह, ४६५ एन.पी.उन्नि, ३३ एफ.डब्ल्यू टामस, ५१० एम. कृष्णमाचारियर, १४२, १६५, १७५, २१४, २३६, ४०६ एस.एन.दासगुप्त, ४६३ एस.पी. पण्डित, ५२४ ओ IFE आशाधर, ३१ ओ.बोतलिंक, ५१६ मा इत्सिंग, ११० का मानना इन्दु, ११०ीकार इष्टराम, २५५: GOES OF ईगाल्स, १०१ मा ईश्वरकृष्ण, ५५३७,१०, रिहा उ - - - उत्पलराज, ४२८,५११FORT - उत्प्रेक्षावल्लभ, १२८,४६७, ४६८ उद्दण्ड शास्त्री, ३२३ माला उदयकवि, ३२४ उद्योतन, २०४ उद्योतन सूरि, २०६,३५६ शिवा उद्भट, १३१,१५८,१८३,५२५,५२६ उदयन, १६६ IR PETE उदयप्रभ सूरि, २७E शामिला। उदयसूरि, २७६ मा उमापतिधर, ५५१,५५२ जना उमेश जोशी, ५८२ (टि.) मा । उलूक, १७४ उल्लूखान, २८१, २८२ जाता ऋFORPORApage ऋषभदेव, ४४१ Featext कनकामर, २१३ म हिनाक कन्दर्प शर्मन्, २१७ कनिष्क, ७२,८५,४४७ कपिलदेव द्विवेदी, २५० (टि.)ी पियार कफ्णि , १८६,१६१ कमलाकर भट्ट, ३१२-09 कम्बन, १२ कमलेश दत्त त्रिपाठी, १०३ मा कर्णपूर, ५६१, ५६२ राशीश कर्णसिंह, ५७१ आशी कल्याण कवि, ५०१ नयी कल्याण मल्ल, ३०३ कल्हण, ११६, १६२, २२८, २४८, २५०, २५१, २६०-२६२, २६४-२६६, । ४३२, ४४६, ४५३, ५२१, ५२६ कविमल्ल, ५५६ कविराज, १७५ जितका कविराज सूरि, २३२, २३३ हजार कवि विश्वनाथ, २६१ मा कात्यायन, १६, २१७ मार कान्ति चन्द्र पाण्डेय, ३१२ ७ जानक कामराज दीक्षित, ४८३,४८४ कालिदास, १, ४, ६, ६, १०, ११, १५, १६, नामानुक्रमणिका ६२१ २१-२६, ३३, ३४, ३६, ३८, ३६, केशव शर्मन्, २१७ 5 5 ४१,४२, ४६-५१,५३, ५६, ५७, के.पी.त्रिवेदी, २१८ ५६-६२,६४, ६५, ६७-७१, ८३ के.कृष्णमूर्ति, ५१३ ८६, ६३, ६८-१०१, १०८, १३१, के.बी.पाठक, २३२ १३४, १४२, १५५, १५७, २१५, केरल वर्मन् वलिय, २६८ जमाती २१७,२५१,२५४, ३०९-३११, के.रा.जोशी, ३०५ ३६६,३६२, ४२६, ४५०, ४५१, । कोहल,२१०, ४८६, ४८७,४८८ गाषि ४६१,५११, ५७४,५७६, ५८० कौतूहल, २०४, २१०,२११ मिमी कालिपादवन्द्योपाध्याय, ११२ काशी, ५८५ क्षेमीश्वर, ५११ कीथ, १३५, २६७,४४७ क्षेमेन्द्र, १६, १८, ३७,६८, ६६, प्रति कुन्तक, १४२,१४३, ५२६ ६०,१०६,१३०, १५६,१८३,१८६, कुन्दकुन्द, २०५ १६२, १६३, १६४,२१६, २२१, कुप्पू स्वामी शास्त्री, १७(टि.) २२६, २४८, २५१, ४५४-४५७, कुमारदास, १६, १३१, १५१, १५३-१५५, ४८१,५४१ १५७, ५११ कुमारपाल, २७० गंगा देवी, २६६ कुमारिल भट्ट, ५५३ गणपति, ५३४, ५३५ EAT कुमुदचन्द्र, ४४० गदाधर, १६४ 395 कुमुदानन्द, २१७ ESTINदि समाचार गदाधरभट्ट, ४७६,५१७ माला कुलशेखर, ४०६ गीर्वानन्द्र, ४७६ रविवार कुशल कवि, ३१२ गीर्वानन्द दीक्षित, ५७४ I APIE गुणभद्राचार्य, ३६१, ३६२,३६६ माजी गुमानिकवि, १२३ गुरुनानक, ३०२ गोपाल, २७० वह छगरिकमा गोपालभट्ट, ४११ कृष्णपति, ३३ गोपिका मोहन भट्टाचार्य, ३३ (टि.) शीर गोवर्धन, १२५,३१२,४६०, ४६१,४६२की कृष्णराज तृतीय, २२६ ४६३10051 कृष्णाचार्य, ५८५ गोवर्धनाचार्य, ४.२ कृष्णानन्द, १७E,१८० गोविन्दचन्द्र, १६४,१६७ कोपिएका केशट, ५३३,५३५ गोविन्दजी, ५१८ जडानी केशवराव मुसलगांवकर,६ गोविन्दज्योतिर्विद, ३१२ कुसुमदेव, ११३, १२३355 Paisa कूरनारायण, १२६ लाजाय कृपाविजय, ३६० कृष्णदास कविराज, ४११ कष्णद्वैपायनवेदव्यास. १३ कुष्ण प्रसाद घिमिरे, १०६ (टि.) काव्य-खण्ड चक्रकवि, ५८० गोविन्द दीक्षित,२८४ मत चैतन्यदास वैष्णव, ४११ FEBE गोविन्दनाथ, २४१ या कि चैतन्य महाप्रभु, ३२८, ३३०, ५१५, ५६२ गौडाभिनन्द, १५४ामप्पा चौण्डाजी बाला, ५८५ 35159 गौतम, १७४ कारि छepe गौतमबुद्ध, १६३ २ की 5 विकार छित्तप, ५११TFICE गौतमी, छविल्लाकर, २४RESers गौरधर, ४१३ काति Darsa ज गौरमोहन, ५१es,NGF का जगज्जीवन भट्ट, २८५, २८६ क क जगडूशाह, २६६ घटकर्पर, १००,३११ जगतसिंह, ५७१ घनश्याम, ४७६,५५५ ३ मिमी eve/FE, जगद्धर, ३३ Plantoprotes जगद्धर भट्ट, ४१३ जगन्नाथ कवि, २४० चकपाल, १E३ जगन्नाथ पाठक,५४६ चक्रवती श्रीपाल, २४० जटासिंहनन्दि, ३५६, ३५६ । चण्डिका प्रसाद शुक्ल, १६५ जम्बू कवि, ३४४ __005 जागा चतुर्भुज, ५५६ जम्बू गुरु, १३० चन्द्रक, ५२१, ५२२ र मागमा जयदेव, ३०६, ४१२, ४६०, ४८६-४६२, चन्द्रगोमिन्, ३५४,४४८ मा ४६४,४९७ चन्द्रधर शर्मा. २EO ONअशा जयनारायण घोषाल, ४६६, ५०० चन्द्रशेखर पाण्डेय, २५१ (टि.) , HTER जयसिंह, ५१६ न की का चम्पक, २६० चरित्रसुन्दरगणि, ३४७ माहाण्ड जयन्तचन्द्र, १६४, १६५,१६७ चाइल्डर्स, ३७ मत चागदेव, १११६ लाना जयमंगल, २१७ चाण्डूपण्डित, १६४ 0 जाशी चामुण्डराय, २५२, ३६७५PAPE जयानक, २७४ चारित्रवर्धन, ४३ मा कानावर जयापीड, २०६,२२८ जागी चित्रभानु, १४२-०३४PE.SE वी जल्हण, ४६३,४८१,५१२, ५३०, ५३२, चित्सुखाचार्य, ३०० चित्तप,५४८ - HITEPil जान्सन, ७८ चिदम्बर सुमति, २३८E TREE जिनप्रभ, ४४६ चिप्पट जयापीड, १६२,१६५ जिनसेन, २०६, ३५६, ३६०,३६६ जयसिंह सूरि, २६६E E का जयन्त भट्ट, १५८२ मणीपतः जिक काम साल जयादित्य, १३४, २८ नामानुक्रमणिका जिनेश्वर, २०४ ४ ३ दर्शन विजय गणि, ४७९ जिसका जैनुल आब्दीन, २६६, ५४७ जना दाउद, ३०३ ज्येष्ठकलश, २५५ दाक्षीपुत्र, १७ जोनराज, १६५, २६६, २६७, २७४, दानियाल, ३०६ २७५ दामोदर, २२७-२२६ ज्योत्स्नाकर, २६७शा भागार दामोदर धर्मानन्द कोसाम्बी, ५१० तस्मिानार दाराशिकोह,५७१ ज्ञानयशस्, ४४६ दिङ्नाग, ३७,११० गामा ज्ञानवीरराज, २४२ दिनकरमिश्र, ३३ नामार ज्ञानसागरसूरि, २४० दिवाकर, ३१२ ज्ञानेश्वर, १११ दुर्गा प्रसाद यति, २१२ ११० मिनाया दुर्लभ, ४५२ दुर्वासा, ३६३ झुज्झण, ४६१ निति दुर्विनीत, १३४ाणाशा देवेन्द्रमुनि, ४४२FFIFE मार टामस, १५३, १५४ देहड, ४६५ जातिमा टी. गणपति शास्त्री, २५० (टि.) मलमा टी.जी.मईणकर, ३७(टि.) धनञ्जय, २३१, २३२, ४४१ का धनपाल, २०५, २१३, ४४२ डी.डी.कोसाम्बी, १०१, ११० ॥ धनदराज, ४६५ धनिक, १०, ११३.४३७.८४TAEFITF तरुणवाचस्पति, E२ धनेश्वर, २०४ ताराचन्द्र, ३१२ धर्मकीर्ति, ५११.५२५ १ ४ तारानाथ, १६,४४७ धर्मघोष, २४६ तुक्काजि प्रथम, १८५ धवल, २०५ तुलसीदास, १२ धावक, ४५१ तैलंगव्रजनाथ त्रिलोचन, ५४E धीरनाग, ५२६, ५२७ 8 करीत त्रिविक्रम, १५८,२१२ धोयी, ३१४ त्रिविक्रम भट्ट, १७५ ४४ , नजराज, ५०५,५०६ नन्दन, ५१२ दक्षिणावर्तनाथ,३४,३५,३७,४२ किए नन्दलाल, २४४ दण्डी, २१,६१,६२,१३५ लाकर नबक, १६३ त्र्यम्बक, १५८ 1 EshRTHI६२ काव्य-खण्ड पमानन्दकवि, १२०.१२१UREFE नमिसाधु, १७,२४५ चा आणांगण कोन मा ५६४, ५६५, ५६७, ५७२-५७४ नही नयचन्द्रसूरि, २७६,२८० चा पतञ्जाल, ५, १६, १८, २०, २१६, २१७ नयनन्दि, २१३ जनितिक पद्मकीर्ति, २०५ नयनाचार्य, ५५७ 3 0 जानी पद्मगुप्त परिमल, १८१,२५१-२५३या नरहरि, १२२5 -05 मामा पद्नाभ, १२८ नागराज, १२५ मिकिन नामक किमिष्ट पद्मनाभ कायस्थ, ३८३ याक नागादेवी, २५५१ शनिवार पद्ममिहिर, २४८ नागाम्बा, २८४ पद्मसुन्दर, ३८६ नागार्जुन, ७१,३५३, ४४७ माकी नाथकुमार, १५३ परमानन्द शास्त्री, ४६३ नान्दार्गीकर, १५२ की परमेश्वर, ३३ नारायण, २४१ _ पराशर भट्ट, ४३२ नारायण कवि, २२६ परिमल कालिदास, २५१ नारायणदास, ४७ पाणिनि, १६-१८, १७४, २१७, २२१ का नारायण पण्डिताचार्य, ४३,४३१ मजाक पामकेशरी, ४३८ नारायण भट्ट, २२४,४१५, ४१६, ४७० पादलिप्त, २०४ नारायण विद्याविनोद, २१७ पापयल्लय, ४११ ०४ किया जाणार निचुल, ३७ पितृचेट, ४४७ (65)पावसात पिनाकनन्दी, २३५ नित्यानन्दाधिकारी, ५६२ । पिशेल, १२१ 6 लिहिताहिक नीति वर्मा, २४५ पुण्डरीकाक्ष, २१७ नीलकण्ठ दीक्षित, ११३, ११६, २८४, पुण्यकुशल, ३८८ ति मायाला ४१-४२२,४७४,५७४-५७७ पुण्यराज, ११० नीलकण्ठ शुक्ल, ४७३,४७४ IELFTSEE का पुन्नशेरि श्रीधरन्, ३४३ नृपगोपाल, ५८५ नेमिचन्द्र, २३१ तकार पुरुषोत्तमदेव, १७ मां का नेमिचन्द्र शर्मा, २४० PE 35- मालागि पुलकेशिन, १३४ नेमिनाथ, २३२ पुष्पदन्त, २०५, २१३, ३६७-३६६ नेमिषेण, ४४३ पूज्यपाद देवनन्दि, ४३६,४३७ नोनराज, २६७ पूर्णज्योति, ३१६ पूर्णसरस्वती, ३३-३५, ६२,३१६ पट्टार, २१८ पृथिवी कोंकणि, १३४ पडंडभट्ट, २१७ पृथिवी भट्ट, २७५ ENE मा नारीक पण्डितराज जगन्नाथ, १०५, ४८०, ५६२, पृथिवीराज, २८०,२६१ F नित्यानन्द, ३८४EC = सरल पुरुषोत्तम कवि, ४६४ साल फादर कामिल बुल्के, १२ नामानुक्रमणिका ६२५ प्रजापतिनन्दी, २३५,२७० करीम भगवती लाल राजपुरोहित, ५२० (टि.) प्रतापरुद्र, ५१३ नपात भट्टनायक,५४१ जन प्रतापरुद्रदेव, ५५५०, भट्टभीम, २२१,२२२ ४ मार प्रद्युम्न, ५३२R E भट्ट लक्ष्मीधर, १६७-२०० कानि प्रभाकर शुक्ल, ५०७ मधीमी भट वीरेश्वर, ४८० 395 प्रभात शास्त्री, ४८८, ४६५, ४६६ पुलाव भट्टश्रीमण्डन मिश्र, ४७३ जालन प्रमिलावात्स्यायन, १५६: FEE भट्टि , १६, २१५, २१७,२१८,२२० । प्रवरसेन, १६, २०४, २०६-२०८ नाम भटोजिदीक्षित, ४७३ -जना प्रसेनजित, १८६,१६० नाम भटेन्दुराज,५४०,५४१ जनामानिने प्राज्य भट्ट,२६६ भद्रबाहु, ४३४ प्राणनारायण, ५७१ भरत, २२८ - प्रियबालाशाह, ४६६ भरत मल्लिका, ३३, ३४, ६२, ६३, २१७ प्रेमचन्द्र, २४५ भरतमुनि, ३३,१०० टकसर की भर्तृमेण्ठ, १८०-१८४, २५२, ५२८ : भर्तृहरि, १०२, १०८, १०, ११०, २३०, ४५०, ४५५, ४६५ मत नि भल्लट, ११६, ११७, ४५०, ४५२, ४५३ बटुदास, ५११ भल्लाचार्य, ५५६ बलदेव उपाध्याय, ५, ६, १७, १६, भवभूति, ४, ६, ११, १८०, ३१६, ४६१, २१,७६ (टि.), ८५-८७(टि.), ११४, ४८०, ५११, ५२६, ५३० १३४, १६५, ४२६, ४४६, ५२० भवानाशकर व्यास, २६२ EVE बहुरूप मित्र, १०५ भागुर, ५३१ बाण,४५१, ५११,५२२-५२४,५५३ भानुदत्त मिश्र, ४६८,४६६ बाणभट्ट, ११४, ११५, १५८EE भामह, २१, २२,४५, ६१,२१५, २१८ बार्नेट, १५२a to भारवि, २२, १३१, १३४, १३६, बालकृष्ण, २८५ नामक १४१-१४३,१७६, ३६२ बालचन्द्र सूरि, २७६,२७८ साल भास,७,३१३, ५११ किमि बिल्हण, २५४-२५६, ४५८ सालमा भीमभट्ट, २२१० बुद्धघोष,७१,८७-८६ भीमराज, २८१ को जिन बूल्हर, १५६, १६४, १६५,२५४, २५५, भीमसेन,२२५ भीमार्जुनसोम, १०६,५१० असार बेचनराम शर्मा, २०० (टि.) भूपाल कवि, ४४५ मा काममा भूम भट्ट, २२१ भगवतशरण उपाध्याय, २७२ (टि.)तय भोज, ६८, १०५, ११०, ११३, १२५, १५१, ६२६ काव्य-खण्ड १८३, १८४, २४५ जना समय महिम भट्ट, १४३, १५१, १६५ सीमा भोजदेव, २८० महिमसंघगणि, ३३ भोजराज, ४२७ महेश्वर सूरि, २०५ भोलाशंकर व्यास, १०१, १०२, १६५, मत माघ, २, २२, १३१, १४२-१४५, १५० २E१,३५५ मातंग दिवाकर, ४५१० माया भौमक, २२१ का सामना मातृगुप्त, १८१,५२७-५२६ का वा मातृचेट, ३५३, ४४७ नमानीय मङ्खक, १६४-१६६ मातृदत्त, ३३३, ४१५६ निशाना मङ्गलात्मिका, ५७६ माधव, १११,३००, ५५७३- काशीनरी मजीर, ५२६ माधव कवि, ४६८ मण्डन मिश्र, १००,३०० माधव कवीन्द्र, ३३१ जनभानमा मणिराम, २७, ४३, ५१७ माधवदेव, १६४ गाजाका मदन कवि, ३१२ माधव भट्ट, २३२ माधव सिंह, ५१E मदनपाल, २७० माधवसेन, ४४३ मधु, ५२२ मधुकर गो. माहनकर, ३ १४ माधवाचार्य, १०१,२४१, ३०० मधुरवाणी, ५८१,५८२ मानाङ्ग कवि, २४७ मांगातार मामल्लदेवी, १६४ मधुराचार्य, ५०१ मधुसदन मैथिल, १२४ान मुक्ताकण, ११६ मधुसूदन सरस्वती, ३६८,४१७ मुक्तापीड, १५६ मनोहर, २४० मुक्तिकलश, २५५ म.म. हरप्रसाद शास्त्री, ५१०NDAR मुज, ३६५ मम्मट, ६७, १०५, ११४, ११६, १८३, मुनिसुव्रत, २३२ १८६, २२६,२३०, ५२२ मुरारि, ३१६,५११ मयूर, ४५१, ५६६ मूककवि, ४०३, ४०५, ४०६ मयूरभट्ट, ११४,११५ मृगाङ्कदत्त, २५१ मल्लिनाथ, २५, २६, ४२, ४३, १४२, मेघराज साधु, ४३ मेघविजय, २४० २१७, २२०,५५७ PALE मेघविजय गणि, ३६० महाकवि शङकर, जना मेरुतुंग, १०६, ३०२, ३४६ महाकवि शम्भ, ४५२-४५४नि महादेव, ५८५REAL नामक महाराज शम्भु, ५१७१४४ीत महासेन सूरि, ३६५ 595 । यज्ञनारायण, ५७८ यज्ञनारायण दीक्षित, २८४ बजारमा मोहन स्वामी, ५८५ मा नामानुक्रमणिका ६२७ यतीन्द्र विमल चौधरी, ३४ (टि.), ३०६ (टि) राजनाथ द्वितीय,२६७ यशोवर्मा, २०६ राजमल्ल, ३८४,३८५ याकोबी, २० राजवल्लभ जैनाचार्य, ३०१,३०२ मत याज्ञिकराम, ५१७ राजशेखर, यामुनाचार्य, ४०७ मत ५,१७,११४,१४३,१५१-१५३,१८०,१८१, यास्क, २४६ORNORFOवमानना २१६,२३२,३८६,५११,५३४,५४६,५५० योगाचार्य,७२ मा राजशेखरसूरि, १६४ र मगमस्या योगेन्द्र, १६२ राजानक अलक, १८६ OPE साझाकार योगेश्वर, ५११, ५३५-५३६, ५५४ राजानक रलकण्ठ, ४१३ प्रतिशत राजा भोज, ५२० 300 मी मित रघुनाथ, ५८१ राजा रामपाल, २३५5305ोलामा रघुनाथतीर्थ, ४७६ राजा लक्ष्मण सिंह, ५११ रघुनाथ नायक, २८४ राजा लक्ष्मण सेन, ४६०,४८६,४६७ रघुनाथ सिंह, २६७ (टि.) राजेन्द्र मिश्र, ४७६ रणछोड भटट. २८६.२८७ रामकृष्ण, ३४१, १३४588, महाका रत्नकण्ठ, १८६ राम गोविन्द त्रिवेदी, ८ माज की रत्नधर, ४१३ रामचन्द्रकवि, २४३ 09-005 चीन रत्नशेखरसूरि, २४० रामचन्द्र कवि भारती, ७२,४४८ व अन्याय रत्नाकर, २२, १८४, १८५, १८७, १८८, रामचन्द्र गुणचन्द्र, १८४,४८७ मत १८६, १६०, ३७६, ४२६ रामचरित शर्मा, ३१२ रमापति मिश्र, ३१२ रामजी उपाध्याय, २१३ (टि.), २२७,४६७ रविकीर्ति, १३४ रामतर्कवागीश, ४५८ रविगुप्त, ५१३ रामपाणिवाद, रविचन्द्र, १०१,१०३ २१२,३३८,३४०,३४१,५८३,५८४ रविषेण, १२ रामपाल, २७० 25 FIR रहीम, ५७३ रामभट्ट, ४६४,४६५,४६७ नपाई जा राईस डेविस, १५३ रामभद्र दीक्षित, ११०,४२२,४२५,५७७ राघव, २१७,५५८ रामवर्मा, ५५८,५५६,५६०,५८५ टक राघव चैतन्य, ४१३,४१४ रामर्षि, २४६ राघवदेव, ४१३ रामानुजाचार्य, ४०७ 32 राघवपाणिवाद, ५८३ रायज डेविड्स, ३७ 59:382 राजकलश, २५५ रायमुकुट, १७ राजचूडामणि दीक्षित, रायमुकुटमणि, १५६,१६० जिला २८४,३०१,५५५,५७८ रुद्रकवि, ३०४,३०६,४६६,४७० ६२८ काव्य-खण्ड रुद्रट, १७ वसुकल्प, ५४३ मिमिालकी जीशान रुद्रन्यायपंचानन, ३३४,३३५ वसुरात, ११० रुय्यक, १८१ व्रजनाथ, ५१ रुपगोस्वामी, ३२८,३३०,४३३,५१५ मा वजराज दीक्षित, ४८४ मा मत रंजनदेवसूरि, २११ (टि.) वंशीधर मिश्र, ४७८,४९० वाक्पतिराज, २०३,२०४,२०६,२१०,२१३ लक्ष्मण भट्ट, ५१७ कारि वागुर, ५३१,५३२ लक्ष्मीदास, ३२० वात्स्यायन, २२८ लक्ष्मीधर, ३०६,५११,५३६,५४० ला वादिचन्द्र सूरि, ३४८ मीर लक्ष्मी नृसिंह, ४७६ वादिराज, ४४३ लक्ष्मीपति, ३०६,३०७ वादिराज सूरि, ३७०,३७१ जना लकेश्वर, ३६५ वादीम सिंह सूरि, ३७२. 400 तिला ललितादित्य जयापीड,२०६ दिया वामदेव,३ लिण्डाल, १०३ वामन, ६७,१३४,१५३,१५६ लीलाशुक, ४१०,४१२,४८८,४६० वागा वामन भट्ट बाण, ३२५,५५७,५५८ लुडविक स्टर्नबाख, ५१३ मार HD वाल्मीकि, ६-१२,१५,३५,४१,८३,८४,१८० लोलिम्बराज, २००-२०२४ सालमा वासिष्ठी, ६८ लोष्टक कवि, ४०८ गिल निशानी वासुदेव, २०३,२२४,२४०,२४१,३२१,४४१ ल्युमन, १५२२ लाकमानमा व्याडि,२१७ ल्यूडर्स, ७३ व 2 SFr८ व्या निय व्यासाचल, २EE वजदत्त, ७२ विक्रम कवि, ३४५ वजनन्दि,४३८ विक्रमादित्य, वत्सभट्टि, २५० (टि.)ESS __१६,२५,३७,११०,४२६,४५०,५२८ वररुचि, १६,१६,२०,२१२ माणका विजय विनय गणि, ३५१ वराडदेशिक, ५८२ माया विजयसेन सूरि, २७६ वर्धमान, २०४ का निशाना विजयसूरिगणि, ३३ वल्लण, १५०,५५१र ममा विष्टसनत, ६६,०३८ वल्लभदेव, विद्याकर, २६,४२,१११,५१२,५२४,५२६,५२७, १५०-५१२५२६,५२७५२८,५३२,५३३,५३५ ५२६,५३३,५४६,५४७ किया विद्यानाथ, ३१२ वल्लभाचार्य, ४३३ विद्या निवास मिश्न, १०२ (टि.), १०३ वस्तुपाल, १६४,१७५, १७७,२७६-२७८ विद्यापति, ५४६ वसिष्ठ, ३ 55,238E, मिला व्यास, १६३ विद्या माधव, २३४ LES ६२ नामानुक्रमणिका विद्या विनोद, १५६ मारता विद्या विलास, ४६६ शक्ति स्वामी, १५६ वारमाणित विद्या सागर, २१८ शंकर, ५८५ विनप्रभ सूरि,२२३ शंकरवर्मा, ११६ विन्ध्येश्वरी प्रसाद, ३१२.जाम शंकराचार्य, २६६,३१६,३९६,४००-४०३ विमल कीर्ति, ३५३ शंकराराध्य, ३०१ विमल सूरि, १२,२०४-२०६ जना शंकुक,२५१,५२४ सांगीत विल्बमंगल, ४१० सालमा काठ शतानन्द, १५८LTE समान विश्वनाथ, ६,१०५,१५१,२१४,४८७ कागत शतावधान कृष्णदेव, ३३६ नांगर विश्वम्भर सहाय पाठक, २४६,२५४ पाणिनि शरण, ५५२,५५३ ५० माया विश्वश्वर पाण्डेय, १२४,१२५,२४७,४८१ । शरणदेव, १७,१८ मा पनि विश्वश्वर सिद्धान्त शिरोमणि, ४६६ मा शान्तिदेव, ७२ .50FIEFIT विष्णु, २४६ शागधर, ५१२,५२४ मार pipritis विष्णुत्रात, ३२७ शारदातनय, ४८७ जना मानी विष्णुदास, ३२६वा शाश्वत, ४३ विष्णुदेव, ४६८ श्यामकवि, ५०२ वीरकवि, २०५ शिल्हण, ११३,१२१ नामांक वीरनन्दि,३६७ मानत नाही शिवगुरु, ३६६ कोक वीरभद्र, १३ - वर शिव प्रसाद भट्टाचार्य, १५६ गावातील वी. राघवन, १५६,५०१ . शिवभक्त दास, ४६७ 315 HEART वीरराज, ५०५ शिव स्वामी, वृन्दावन चन्द्र तकर्कालंकार, ५६२ सालमा ७२,८२,६०,११६,१८१,१८६-१E१,३७६ वेंकट कृष्ण दीक्षित, ५७६ शिवानन्द, ५६१ पास समय वेंकट कृष्ण यज्चा, ५८५ किया। शीलादित्य, ५११ टि वेंकटनाथ, ५१४ शुक,२६६-२६६ वेंकटनाथ वेदान्तदेशिक, ५५६ मनालीमा शुभचन्द्र, ११० वेंकटराय, ५१३ शुभदा, १२८ वेंकाद्रि महोपाध्याय, ५७६ मा शूद्रक, ५११ वेंकटाध्वरि, २३६,४२५ जागा शोभन, २४० वेंकटेश,२४७,५८१ श्रीकृष्ण कवि, ४७१ वेणीदत्त, ५१८ सामान श्रीकृष्ण भट्ट, २८५,४८३ वेतालभट, ४८० श्रीकृष्णराम, २८५ वेदान्तदेशिक, ४१४,४१५ कि श्रीकृष्णवल्लभ कवि, १२६ का वैमभूपाल, १०३ श्रीकृष्ण सार्वभौम, ३३७ मिनाया श्रीक्षेमराज ३६६, ३६७ समन्तभद्र, ८६,३५५,४३४ : मानी श्रीगौडपादाचार्य, ४२६ शनिवार राजनी- समय सुंदर, २४० श्रीदक्षिणामूर्ति, ४८३ सर्वज्ञमित्र, ७२,४४६ श्रीदेवराज शर्मा, ३०२ मिला। सर्वसेन, २१३ श्रीदेवी, ४३७,४४१ मा सर्वानन्द, १५६,१६०,२६५,२६६ श्रीधर, १६२,१११,१२७,५३४,५३५शामक सलुव, २६७ श्रीधरदास, १०E सहाबदीन, १८० -80950 श्रीधरभास्कर वर्णेकर, ४६६ , साकल्यमल्ल, ५५६,५५७ ॥ मी श्रीधरसेन, २१८ काIPS सागरनन्दी, ४८७-१८ श्रीनाथूराम प्रेमी, २४० मा साधारण कवि, २०४ श्रीनारायण, २२६,२२७ जायण सामराज दीक्षित, ४३२,४८३ श्रीनिवास, ४७६,५८२ लिया साम्ब, ३६६ श्रीनिवास चारियर, ४८० मा साम्बमुनि, १३० श्रीनिवास रत्नखेट दीक्षित, ५७८ का सायण, ५,५१३ श्रीभूधर भट्ट,३४१ मा सिद्धसेन दिवाकर, ४३६,४४० मी श्रीमाधव भट्ट, ४३७ मान सिन्धुराज, २५३,३६५ मादी श्रीमेघविजय, ३५०ी सिंहभूपाल, ५५७ श्रीराम कवि, ५०६ [१] सी.आर.स्वामिनाथन्, १५२ व श्रीरामानुजाचार्य,४३१वानी सीताराम पर्वणीकर, २८५ श्रीवत्सांक, २४६03 कालाही सी.वी वैद्य, २१८ साला नि श्रीवत्सांक मिश्र, ४३१,४३२ गाय का सुकुमार कवि, ५५६ श्रीवर, २६६,२६८ सुथनकर, १३ गवाह लगातार श्रीशचन्द्र चक्रवर्ती, २१८ ।, नानाला सुन्दर पाण्डेय, ४६७ जागा का प्रताः श्री हरिदत्तसूरि, २३५-२३७ मत सुन्दराचार्य, १२६ मा म त श्रीहर्ष, निक सुब्बैया, २३२ की ४) शाला २२,१३१,१४२,१६३-१६०८, १७०,१०४,४५१, सुमति विजय, ३३ जनाकामता ४५२,४६६,५७४ - न सुरजन, २६० नामक श्रीहीर, १६४,१६६ सुराचार्य, २४० माण की नाति श्रोडर, १०३ सुरेश्वराचार्य,३०१ सुलेमान, ३०३,३०४ षडक्षरीदेव, २ESSAI धन सुषमा कुलश्रेष्ठ, १७१ (टि.) की स सूर्यकलिंगराज (सूर्यपण्डित), ५१२ मा सज्जनानन्द, १६३ लायकुमार सूर्यकवि, २४२ सन्ध्याकरनन्दी, २३५,२७०BFENTS सूर्यदास, २४२ सोड्ढल, १५८-१६० सोमदेव, १०६,१६३ सोमनाथ, ४७७,४८० सोमनाथ मिश्र, ५०३ सोमप्रभ, ११३ सोमप्रभाचार्य, २४४ सौमसागरसूरि, २४० सोमेन्द्र, १६३ सोमेश्वर, १२७,१८१ सोमेश्वरदत्त, २७६ सोमेश्वरदेव, २७८ स्कन्दगुप्त, २५० (टि.) स्वयम्भू, २०६ स्वामी हर्याचार्य, ५०८ स्थिरदेव, ४३ नामानुक्रमणिका हर्षदेव, ४४८,४४६ हर्षवर्धन, ७२,१६४,२६० हरिकवि, ५१६ हरिकृष्ण भट्ट, ४८५ हरिदास कवि,५१४ हरि भास्कर, ५१८ हरिमद, २०४ हरिश्चन्द्र, ३७४-३७७ हरिषेण, २५० (टि.) हरिहर, १०८,५१५ हरिहरदास शास्त्री, १५६ हलायुध, २२६ हीरालाल शुक्ल, २८५ (टि.) हुएनसांग, ४४८ हेमचन्द्र, ८६,८७,६२,१०५,१८४,२०३, २११,२१३,२१४,२२६,४८८ हेमचन्द्राचार्य, २७१,२७२,४४४ हेमविजयगणि, ३८६ हेलाराज, २४८ होयसाल, ५५६ यूकास, २१६,२२० हंसविजयगणि, ४७६,५१ हजारी प्रसाद द्विवेदी ७० (टि.) हनुमान, ५१६ हम्मीर,२८०,२८२ हरगोविन्द, ३३,३४ हरप्रसाद शास्त्री, ८० हर्टल, १०३