१. अधरशतक : नीलकण्ठशुक्ल, सं० एन० जी० गोरे, बम्बई, १६५३ ई० । (जनरल ऑफ यूनिवर्सिटी ऑफ पूना के सं०१ में पृ० ६४.१४८ से अनुमुद्रित) २. वही : नीलकण्ठ दीक्षित (2), रॉयल एशियाटिक सोसायटी, बम्बई, १६५३ ई० ३. अन्यापदेशशतकम् : नीलकण्ठ दीक्षित, काव्यमाला, गुच्छक.६, बम्बई १६३० ई० ४. वही : मधुसूदन, काव्यमाला, गु०.६, १६१६ ई० ५. अन्योक्तिमुक्तालता : शम्भु, काव्यमाला, गु०.२, १६३२ ई० निता ५६१ सन्दर्भ ग्रन्य-सूची ६. अन्योक्तिशतक : भट्टवीरवर, काव्यमाला, गु०.५, १६३७ ई० 25 ७. अन्योक्तिस्तबक : वंशीधरमिश्र, गान्धी विद्याभवन स्टडीज, सूरत, १६५५ ई० ८. अमरुशतक : अर्जुनवर्मदेवकृत टीकासहित, सं० नारायण राम आचार्य, निर्णयसागर प्रेस, तृतीय सं० १८५४ नीला ६. आत्मनिन्दाष्टक : अज्ञात, काव्यमाला, गु०.७, १६२६ ई० जिना १०. आर्यासप्तशती : गोवर्धन, निर्णयसागर प्रेस, १६३४ ई० ११. उपदेशशतक : गुमानिकवि काव्यमाला गु०.२, १६३२ ई० १२. कलिविडम्बन : नीलकण्ठ दीक्षित, काव्यमाला गु०.५, १३. कवीन्द्रकर्णाभरण : विश्वेश्वर पाण्डेय, काव्यमाला गु०.८, १६११ ई० १४. कविकण्ठाभरण : श्रीकृष्णकवि, मलयमारुत स्पन्द.३, राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, १E२३ १५. कोटिविरहम् : नारायणभट्ट, काव्यमाला, गुच्छक.५, १६३७ ई० १६. क्षेमेन्द्रलघुकाव्यसङ्ग्रह : सं० राघवाचार्य तथा पाध्ये, संस्कृत परिषद्, उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद, १६६१ ई० १७. खड्गशतकम् : अज्ञात, काव्यमाला, गुच्छक.११, बम्बई, १६३३ ई० १८. गीतिशतक : सुन्दराक-कवि, काव्यमाला गुच्छक.६, १६१६ ई० १६. चतुर्वर्गसङ्ग्रह : क्षेमेन्द्र, काव्यमाला गु०.५, बम्बई १६३७ मत २०. चिमनीचरितम् : नीलकण्ठ शुक्ल, सं०.प्रभात शास्त्री, देवभाषा प्रकाशन, प्रयाग, वि० सं० २०३३ २१. चारुचर्या : क्षेमेन्द्र, काव्यमाला, गुच्छक.२, १६३२ ई० २२. चौरपञ्चाशिका : (बिल्हणकाव्यम्)-काव्यमाला, गु०.१३, १६१६ ई० सं०.एस० एन० ताडपत्रीकर, ओरिएण्टल बुक एजेन्सी, पूना, १९६६ ई० २३. ताराशशाङ्क : श्रीकृष्णकवि, काव्यमाला गुच्छक.४, बम्बई, १६३१, १६३७ ई० २४. थेरगाथा : परमत्थदीपनीसहित, सं० एफ० एल० वुडवर्ड (३ भाग), पालि टैक्स्ट सोसायटी, लन्दन, १६५६ ई०. निति २५. दृष्टान्तकलिकाशतकम् : कुसुमदेव, काव्यमाला गु०.१४, बम्बई, १६३८ ई० २६. दर्पदलनम् : क्षेमेन्द्र, काव्यमाला, गु०.६, १६३० ई० * जिया पर सामान - कहानी नामक ५६२ २७. देशोपदेश : क्षेमेन्द्र तथा नर्ममाला वही सं० मधुसूदनकौल शास्त्री, कश्मीर सीरीज ऑफ टैक्स्ट्स एण्ड स्टडीज, पूना, १६२३ ई० किलतिर २८. दीनाक्रन्दनम् : लोष्टकवि, काव्यमाला गु०.६, १६३० ई० काष्ठमा २६. नीलकण्ठदीक्षितस्य लघुकाव्यानि : श्रीरंगम्, वाणीविलास प्रेस.१६११ ई० ।। ३०. पद्यावली : रूपगोस्वामी, सं० एस० के० डे०, ढाका विश्वविद्यालय, ढाका, १६३४ Yकरितामा शिशायर ३१. प्रबोधसुधाकर : अज्ञात, काव्यमाला गु०.८, १६११ ई० कापा र ३२. भल्लटशतकम् : (१) काव्यमाला गु०.४, बम्बई १६३७ ई०, (२) सं० डा० वेदकुमारी तथा डा० रामप्रताप, माहेश्वरीसंस्कृतटीका तथा हिन्दी-अंग्रेजी अनुवादस०, मेहरचन्द्र लछमनदास, नई दिल्ली, १६८५ ई०, (३) सं० तथा संस्कृत टीका कालूरि हनुमन्तराव, हैदराबाद, १६६१ ई० ३३. भावविलास : रुद्रकवि, काव्यमाला, गु०.२, १६३२ ई० ३४. भावशतकम् : नागराज, काव्यमाला, गु०.४, बम्बई, १६३७ ई० PIC ३५. भावशतकम् : नागराज, वही। ३६. भिक्षाटनकाव्य : उत्प्रेक्षावल्लभ, काव्यमाला गु० ६, १६१६ ई० ३७. मनोगहणम् तथा प्रास्ताविकश्लोका : श्रीकृष्णकवि, मलयमारुत, तृतीय स्पन्द, राष्ट्रीय संस्कृत, नई दिल्ली, १६७३ ई० RAP ३९. मुग्धोपदेश : जल्हण, काव्यमाला गु०.८, १६११ ई०P ३६. रसिकरञ्जन : रामचन्द्र, काव्यमाला, गु०.४, बम्बई. १६३७ ईOR OF ४०. राजेन्द्रकर्णपूर : शम्भु, सं० वेदकुमारी तथा रामप्रताप, जम्मू, १६२३ ई० ४१. रोमावलीशतक : विश्वेश्वर, काव्यमाला गु०.८, १६११ ई० ४२. वैराग्यशतकम् : जर्नादनभट, काव्यमाला गु०.१३, १६१६ ई० ४३. वैराग्यशतकम् : अप्पयदीक्षित (?), काव्यमाला गु०.२, १६३२ ई० ४४. वैराग्यशतकम् : पद्मानन्द, काव्यमाला गु०.७, १६२६ ई० जागा ४५. शतकत्रय : धनराजकवि, काव्यमाला, गु०.१३, १६१६ ई० डिया ४६. शतकत्रयादिसुभाषितसङ्ग्रह : भर्तृहरि, सं० दामोदर धर्मानन्द कोसाम्बी, भारतीय विद्याभवन, बम्बई। 55 सामना : Fr ४७. शान्तिशतकम् : शिल्हण, कलकत्ता विश्वद्यिालय, वि० सं० १६५१ ई० ५६३ सन्दर्भ ग्रन्थ-सूची ४८. शृङ्गारशतकम् : नरहरि, काव्यमाला, गु०.१२, १८६७ ई० को ४६. शृङ्गारवैराग्यतरङ्गिणी : सोमप्रभाचार्य, काव्यमाला गु०.५, बम्बई, १६३३ ई० ५०. शृङ्गारतिलक : कालिदास, सं० वासुदेव लक्ष्मण पणशीकर, निर्णयसागर, बम्बई, १६३७ ई० ५१. शृङ्गारहारावली : श्रीहर्ष, सं० प्रियबाला शाह, राजस्थान पुरातत्त्व अन्वेषण मन्दिर, __ जयपुर, वि० सं० २०१३ ई० Pाला ५२. सभारञ्जनशतक : नीलकण्ठ दीक्षित, काव्यमाला, गु०.४, १६३७ ई० जान्छ ५३. समयमातृका : क्षेमेन्द्र, काव्यमाला सीरीज क्र० १०, १६२५ ई० मध्यावर . ५४. सुन्दरीशतक : उत्प्रेक्षावल्लभ, काव्यमाला गु०.६, १६१५ ई० शामक ५५. संस्कृत पोयम्स ऑफ मयूर : कोलम्बिया यूनिवर्सिटी इण्डोईरानियन सीरीज, न्यूयार्क, १६१७ ई० भी कार मोनिकाली गाणीमा