०२ शङ्कुककृत : भुवनाभ्युदय महाकाव्य

श्रीशङ्कुक का ‘भुवनाभ्युदय’ महाकाव्य ऐतिहासिक महाकाव्यों की श्रृंखला में पहली कड़ी है, जो दुर्भाग्य से अब अप्राप्य है। शङ्कुक और उनके इस महत्त्वपूर्ण काव्य का उल्लेख कल्हण ने अपनी राजतरङ्गिणी (४१७०४) में किया है। तदनुसार शकुक कश्मीर के राजा अजिचापीड (आठवीं शताब्दी ई. का पूर्वार्ध) के शासनकाल में रहे थे और इन्होंने अपने ‘भुवनाभ्युदय’ महाकाव्य में मम्म और उत्पल नामक दो सामंतों के बीच हुए भयंकर युद्ध का वर्णन किया था। भुवनाभ्युदय के कर्ता शकुक तथा नाट्यशास्त्र के सुप्रसिद्ध व्याख्याकार शकुक सम्भवतः अभिन्न हैं।