१८ अन्य यमककाव्य

केरल के महाकवि नारायण ने पन्द्रह सों में ‘सीताहरण’ महाकाव्य की रचना की। गोविन्दनाथ ने सत्रहवीं शताब्दी में ‘गौरकल्याण’ नामक काव्य की रचना की। इन दोनों ही कवियों पर ऊपर चर्चित यमककाव्य के लिये प्रख्यात महाकवि वासुदेव का प्रभाव है और तद्वत् यमकनिर्वाह इन्होंने अपने काव्यों में किया है। म काव्य-खण्ड