यमकभारत के कर्ता कवि माधवाचार्य का वास्तविक नाम आनन्दतीर्थ है। वे दक्षिण में उडुपी के निकट वेल्ले ग्राम में ११६८ ई. में ब्राह्मणकुल में उत्पन्न हुए थे। उनका जन्म नाम वासुदेव था तथा अपनी प्रतिभा से उन्होंने पूर्णप्रज्ञ की उपाधि पायी। पच्चीस वर्ष की आयु में वे दीक्षा लेकर संन्यासी हो गये। अस्सी वर्ष की आयु में सन् १२७८ ई. में उनका देहावसान हुआ। माधवाचार्य ने ३७ ग्रन्थ लिखे हैं, जिनमें अधिकांश दर्शनविषयक हैं तथा कुछ स्तोत्र काव्य हैं। यमकभारत काव्य में उन्होंने पूरे महाभारत की कथा को यमकालकारसमन्वित विशिष्ट शैली में उपनिबद्ध किया है।