२१ सोमेश्वर

सोमेश्वर का समय १३वीं शताब्दी माना जाता है तदनुसार वे अणहिलपाटन के चालुक्यनरेशों के परम्परागत पुरोहित थे। उनका मूल निवास बड़नगर था। सोमेश्वर विख्यात वेदज्ञ, प्रख्यात पण्डित एवं प्रकाण्ड-याज्ञिक थे। इन्होंने कीर्तिकौमुदी, सुकृतसंकीर्तन (महाकाव्य), उल्लासराघब (नाटक) तथा रामशतक की रचना की है। वे एक प्रतिभावन् कवि हैं।